PNB Case: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से जुड़े 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामदगी मामले में बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। वह सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट में प्रबंधक के पद पर तैनात था और मामला सामने आने के बाद से फरार चल रहा था।
26 अगस्त को खुला मामला
एनआईए के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार थाने को पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
तीन कर्मचारियों पर शक
पुलिस की जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई। इनमें करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार, वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक रवि कुमार कसे और करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा शामिल हैं। मामले में तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।
3 सितंबर को NIA ने संभाला केस
शुरुआत में मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही थी, लेकिन 03 सितंबर 2026 को एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद एजेंसी ने जांच आगे बढ़ाते हुए फरार चल रहे अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पूरे नेटवर्क की तलाश
एनआईए अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एजेंसी पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने और अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
11.50 करोड़ भेजने पर खुला राज
मामला उस समय सामने आया, जब करेंसी चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जयपुर करेंसी चेस्ट भेजे गए। वहां नोटों की गिनती के दौरान करीब 4.30 लाख रुपये कम मिले। इसके बाद आरबीआई ने मामले की जांच शुरू की।
हाउस कीपर पर चोरी का आरोप
जांच के दौरान पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार पर नोटों की गड्डियों से रुपये निकालने का आरोप सामने आया। मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज को भी शामिल किया गया है। विशाल कुमार के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
तीन प्रबंधकों पर भी केस
नकली करेंसी के मामले में तीन बैंक प्रबंधकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। बैंक की ओर से तीनों कर्मचारियों के निलंबन की जानकारी दी गई थी। अब एनआईए की जांच का फोकस जाली नोटों के स्रोत, करेंसी चेस्ट तक उनकी पहुंच और पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर है।
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