Laxmi Mittal Factory on Target in Russian Attack: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले हुए हैं। इसी दौरान रूस ने यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर स्थित बड़े स्टील प्लांट को निशाना बनाया। यह प्लांट भारतीय मूल के अरबपति कारोबारी लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल का है। हमले में दो लोगों की मौत और 14 लोगों के घायल होने की खबर है। प्लांट की कई अहम उत्पादन सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते स्टील उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा।
बिजली और ब्लास्ट फर्नेस को सबसे ज्यादा नुकसान
आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह यूक्रेन का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है। कंपनी के मुताबिक, रूसी हमले में बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाओं को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इन क्षतियों के कारण प्लांट की उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। क्रिवी रिह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का गृहनगर भी है, इसलिए इस औद्योगिक केंद्र पर हुआ हमला रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
कीव समेत कई इलाकों पर मिसाइल-ड्रोन अटैक
रूस ने क्रिवी रिह के अलावा राजधानी कीव समेत यूक्रेन के कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार, सुबह हुए मिसाइल हमले के बाद राजधानी के कम से कम दो इलाकों में आग लग गई। इस हमले में तीन लोग घायल हुए हैं।
रूस ने 822 यूक्रेनी ड्रोन रोकने का दावा किया
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने देशभर में 822 यूक्रेनी ड्रोन को रोका। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के मॉस्को क्षेत्र में भी बड़ा ड्रोन हमला किया। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर के मुताबिक, हमले में 83 साल के एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
वाइल्डबेरीज के गोदाम में लगी आग
यूक्रेनी ड्रोन ने रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज के एक गोदाम को भी निशाना बनाया, जिसके बाद वहां आग लग गई। यूक्रेन पहले भी इस कंपनी पर सैन्य सामान से जुड़े होने के आरोप लगाता रहा है। इसके अलावा बेलगोरोद के पास एक बस पर हुए ड्रोन हमले में भी एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
रोमानिया के हवाई क्षेत्र में घुसा ड्रोन
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर पड़ोसी देशों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक ड्रोन उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, जिसे स्पेन के NATO मिशन के F-18 लड़ाकू विमान ने मार गिराया। बताया गया कि ड्रोन मोल्दोवा की दिशा से आया था और उसके रूसी होने की आशंका थी।
युद्धक्षेत्र से बाहर भी बढ़ी सुरक्षा चिंता
लगातार दूसरे देशों तक पहुंच रहे हमलों से साफ है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है। औद्योगिक ठिकानों, ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक इलाकों पर हो रहे हमलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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