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जमुई छेड़छाड़ केस में एक्शन में पुलिस, नाबालिग पीड़िता की पहचान वायरल करने वालों पर FIR, 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कसा शिकंजा

Jamui Molestation Case: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने दो स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है। घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल को मार्क कर उनके खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

पीड़िता की पहचान उजागर करना अपराध

जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने बताया कि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने वाला वीडियो प्रसारित किया गया। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए करीब 120 प्रोफाइल होल्डर्स को मार्क किया है। अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

वीडियो शेयर न करने की अपील

एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से संवेदनशीलता बरतने और इस तरह के वीडियो को आगे शेयर नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पीड़िता नाबालिग है और उसकी निजता की रक्षा करना समाज की भी जिम्मेदारी है। पुलिस के अनुसार, वीडियो को वायरल करना पोक्सो एक्ट, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।

शनिवार शाम की बताई जा रही घटना

पुलिस के मुताबिक, घटना शनिवार शाम की है। कक्षा 10 में पढ़ने वाला एक नाबालिग लड़का और एक नाबालिग लड़की पास के लोकप्रिय पहाड़ी पर्यटन स्थल से लौट रहे थे। दोनों एक ही स्कूल के छात्र हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।

स्कूटर रोककर अभद्रता का आरोप

आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज करते हुए उन्हें स्कूटर से उतरने के लिए मजबूर किया। दोनों जब वहां से निकलने की कोशिश करने लगे तो आरोपियों ने उनका पीछा किया। इसी दौरान छात्रा के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

दो दिन बाद वायरल हुआ वीडियो

पुलिस ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। घटना के दो दिन बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वायरल वीडियो में नजर आ रहे एक वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने पीड़ित छात्र और छात्रा की पहचान की और इसके बाद मामले की जांच शुरू की।

सात आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अब तक करीब सात आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

SDPO के नेतृत्व में SIT गठित

मामले की जांच और बाकी आरोपियों की पहचान के लिए उप मंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच टीम वीडियो फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी भी जारी है।

POCSO और BNS की धाराओं में केस

घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी में पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वायरल वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महिला आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

जमुई की घटना का संज्ञान बिहार राज्य महिला आयोग ने भी लिया है। आयोग ने जिला प्रशासन से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं, वीडियो वायरल होने और छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच पर अब सभी की नजरें हैं।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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