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ईशान किशन ने 522 मिनट तक क्रीज पर खूंटा गाड़ ठोके 270 रन, टेस्ट टीम में वापसी का ठोका दावा

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज इशान किशन ने दिलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में साउथ जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए 270 रनों की मैराथन पारी खेली है। चेन्नई में खेले गए इस मैच में इशान ने 522 मिनट (8 घंटे से अधिक) तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया। इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इशान की यह पारी ऐसे समय पर आई है जब वह लंबे समय बाद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की राह तलाश रहे हैं।

334 गेंदों का सामना कर जड़े 30 चौके और 7 छक्के

इशान किशन ने अपनी 522 मिनट की लंबी मैराथन पारी के दौरान 334 गेंदों का सामना किया, जिसमें 30 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। मैच के पहले दिन ही इशान ने महज 122 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था और दिन का खेल खत्म होने तक 111 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। इसके बाद दूसरे दिन उन्होंने कई घंटों तक बल्लेबाजी करते हुए अपने शतक को दोहरे शतक और फिर 270 रनों के विशाल स्कोर में तब्दील किया। साउथ जोन के तेज गेंदबाजों, शार्ट-पिच गेंदों और स्पिनरों के हर पैंतरे का इशान ने डटकर सामना किया।

चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के निर्देश पर दिखाया दम

वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम के चयन के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इशान किशन को घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलने और बड़ा प्रदर्शन करने की सलाह दी थी। इशान ने इस सलाह को चुनौती की तरह लिया और अपने रेड-बॉल करियर की सबसे सर्वश्रेष्ठ पारी खेल डाली। साल 2023 तक भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलने वाले इशान किशन कुछ अप्रत्याशित घटनाक्रमों के कारण टीम से बाहर हो गए थे और उनका बीसीसीआई (BCCI) सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी रद्द कर दिया गया था।

घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत से शुरू हुआ वापसी का सफर

टीम से बाहर होने के बाद इशान ने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत की। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में शतक जड़ा और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में झारखंड को चैंपियन बनाते हुए 2 शतकों की मदद से 517 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और भारत की सीमित ओवरों (व्हाइट-बॉल) की टीम में जगह तो वापस मिल गई, लेकिन लगभग तीन सालों तक वे टेस्ट क्रिकेट की दौड़ से बाहर रहे।

संयम और आक्रामक खेल का दिखाया अद्भुत संतुलन

टी20 क्रिकेट के लगातार दबाव के कारण रेड-बॉल के फॉर्मेट में अपने धैर्य को बनाए रखना इशान के लिए हमेशा एक चुनौती रहा है। खुद इशान ने स्वीकार किया था कि टी20 क्रिकेट के कारण उनके फैसले लेने की क्षमता प्रभावित हुई थी। हालांकि, चेन्नई में खेली गई इस पारी में उन्होंने शानदार रक्षात्मक खेल और आक्रामक शैली का बेहतरीन संतुलन पेश किया। उन्होंने अनावश्यक रूप से रन बनाने के बजाय मौकों का इंतजार किया और खराब गेंदों पर कड़ा प्रहार किया। इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को टेस्ट टीम के लिए उनके नाम पर फिर से विचार करने के लिए मजबूत कारण दे दिया है।

 

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