HomeBreaking Newsबेंगलुरु में बंद हो सकती है Swiggy-Zomato की सर्विस! आखिर किसके अल्टीमेटम...

बेंगलुरु में बंद हो सकती है Swiggy-Zomato की सर्विस! आखिर किसके अल्टीमेटम से मचा हड़कंप?

स्विगी और जोमैटो(Swiggy and Zomato) जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म आज घर से दूर रहने वाले लोगों और व्यस्त लोगों के लिए आसान विकल्प बन चुके हैं। इनके जरिए लोग घर बैठे किसी भी रेस्टोरेंट से खाना मंगवा सकते हैं। लेकिन अब बेंगलुरु में इन सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

दरअसल, शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालक इन प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि अगर उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 15 अगस्त के बाद कई रेस्टोरेंट स्विगी और जोमैटो के जरिए ऑर्डर लेना बंद कर सकते हैं।

रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने उठाए कई सवाल

बेंगलुरु के होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उन्हें स्विगी और जोमैटो के साथ काम करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन के मुताबिक, स्विगी के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें मिली हैं, हालांकि जोमैटो को लेकर भी संचालकों में नाराजगी है। एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

रेस्टोरेंट मालिकों की प्रमुख मांगें

रेस्टोरेंट संचालक डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में ग्राहक की शिकायत के आधार पर बिना स्पष्ट कारण पैसे काटने की प्रक्रिया को रोकना, खाना तैयार होने के बाद ऑर्डर कैंसिल होने पर उचित भुगतान देना और पेमेंट से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराना शामिल है।

इसके अलावा रेस्टोरेंट मालिक चाहते हैं कि प्लेटफॉर्म अपनी एकतरफा शर्तों में बदलाव करें समस्याओं के समाधान के लिए अलग संपर्क अधिकारी नियुक्त करें और उनकी अनुमति के बिना डिस्काउंट या प्रमोशनल ऑफर न चलाए जाएं।

कंपनियों को भेजी जाएगी लिखित शिकायत

ब्रुहट बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन (BBHA) और अन्य संगठनों ने इस मामले में अपनी मांगों को लेकर स्विगी और जोमैटो को लिखित शिकायत देने की तैयारी की है। एसोसिएशन कंपनियों से जवाब और जरूरी सुधार की मांग करेगा।

अब नजर इस बात पर है कि दोनों फूड डिलीवरी कंपनियां रेस्टोरेंट संचालकों की चिंताओं को कैसे दूर करती हैं और क्या बेंगलुरु में फूड डिलीवरी सेवाओं पर इसका कोई बड़ा असर पड़ता है।

यह भी पढ़ें : 16 साल के किशोर की बहादुरी को सलाम, उफनती लहरों से लड़कर बचाई जान…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments