संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिरपरिचित और आक्रामक अंदाज में दुनिया के सामने अमेरिका का कड़ा रुख जाहिर किया है। न्यू यॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय के पोडियम से संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि “अमेरिका वापस आ चुका है और आज हमारा देश अपने इतिहास की सबसे मजबूत स्थिति में खड़ा है।” उनके इस तीखे और बेबाक बयान ने सम्मेलन में भाग ले रहे तमाम देशों के प्रतिनिधियों को स्तब्ध कर दिया।
सीमा सुरक्षा और अवैध अप्रवासन पर दिखाया सख्त रुख
अपने संबोधन की शुरुआत करते ही डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने सीमा सुरक्षा को कड़ा करने और अवैध अप्रवासन को रोकने के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों की तस्वीर दुनिया के सामने रखी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा किसी भी देश के लिए सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और अमेरिका इस मामले में किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।
वैश्विक दबावों के आगे नहीं झुकेगी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण के जरिए स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ही देश के वैश्विक फैसलों का आधार बनी रहेगी। उन्होंने साफ संदेश दिया कि अमेरिका अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसी भी प्रकार के बाहरी या वैश्विक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने अमेरिकी ताकत और प्रभुत्व को सर्वोपरि बताया, जिससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में अमेरिका अपनी विदेश नीतियों पर और अधिक सख्त रुख अख्तियार करेगा।
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