सितंबर का महीना खत्म होने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने डराना शुरू कर दिया है। बारिश का दौर थमते ही राजधानी और आसपास के शहरों में अचानक प्रदूषण की गहरी चादर तन गई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, हवा जहरीली होने से स्थानीय लोगों को सांस लेने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली से ज्यादा बुरा हाल ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम का है, जहां हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।
ग्रेटर नोएडा में स्थिति गंभीर
ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रेड जोन में पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 21 सितंबर को ग्रेटर नोएडा का औसतन AQI 300 के पास दर्ज हुआ। नॉलेज पार्क-5 का AQI 330 तक जा पहुंचा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा नॉलेज पार्क-3 में AQI 209 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में शामिल है। इस जहरीली हवा के चलते मॉर्निंग वॉक और घर से बाहर निकलने वाले लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
राजधानी दिल्ली और गाजियाबाद में भी बिगड़े हालात
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के चांदनी चौक का AQI 235, आनंद विहार का 208 और बवाना का 203 दर्ज किया गया है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बुराड़ी क्रॉसिंग और मथुरा रोड जैसे इलाकों में भी AQI 150 से ऊपर पहुंच चुका है। वहीं गाजियाबाद के लोनी में AQI 203 दर्ज हुआ, जबकि वसुंधरा (187), इंदिरापुरम (186) और संजय नगर (164) में भी हवा तेजी से खराब हो रही है।
साफ मौसम बना प्रदूषण का मददगार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहेगा और बारिश होने की संभावना नहीं है। तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश न होने और हवा के शांत रहने के कारण वातावरण में मौजूद प्रदूषक कण जमा हो रहे हैं। यही वजह है कि साफ मौसम अब प्रदूषण के लिए मुफीद साबित हो रहा है और पूरा एनसीआर फिर से गैस चैंबर में तब्दील होने की कगार पर खड़ा है।
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