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खाते में जीरो बैलेंस फिर भी UPI से पेमेंट! अब क्रेडिट लिमिट से चलेगा आपका भुगतान

कल्पना कीजिए कि आप किसी दुकान पर सामान खरीदने पहुंचे और UPI(UPI payments) से भुगतान करने के लिए QR कोड स्कैन किया, लेकिन खाते में पैसे ही नहीं हैं। आने वाले समय में ऐसी स्थिति में भी कुछ यूजर्स UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इसकी वजह होगी बैंक की ओर से दी जाने वाली प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन। NPCI के मौजूदा UPI ढांचे में प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन को भुगतान के एक स्रोत के तौर पर शामिल किया जा चुका है।

इस व्यवस्था में बैंक अपने पात्र ग्राहकों को पहले से मंजूर क्रेडिट लिमिट दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी ग्राहक को 50 हजार रुपये की सीमा मिलती है, तो भुगतान के लिए पूरी रकम पहले बचत खाते में डालने की जरूरत नहीं होगी। UPI से पेमेंट करते समय ग्राहक उपलब्ध विकल्पों में अपनी क्रेडिट लाइन चुन सकेगा। जितनी रकम इस्तेमाल होगी उतनी ही राशि बाद में बैंक के तय नियमों के अनुसार चुकानी होगी।

हर ग्राहक को नहीं मिलेगी सुविधा

यह सुविधा अपने आप सभी UPI यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं होगी। बैंक ग्राहक की वित्तीय स्थिति और अपनी पात्रता शर्तों के आधार पर क्रेडिट लाइन तय करेंगे। इसलिए क्रेडिट लिमिट हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है।

कहां किया जा सकेगा इस्तेमाल?

NPCI के मुताबिक प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल मर्चेंट पेमेंट और UPI Reserve Pay जैसी सुविधाओं में किया जा सकता है। NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि UPI Reserve Pay में प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन सहित अलग-अलग स्वीकृत फंड स्रोतों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्रेडिट है मुफ्त पैसा नहीं

सबसे जरूरी बात यह है कि क्रेडिट लाइन को अतिरिक्त मुफ्त रकम नहीं समझना चाहिए। यह बैंक की ओर से उपलब्ध कराई गई उधार सुविधा होगी। इस्तेमाल की गई रकम को बैंक की शर्तों और लागू शुल्क या ब्याज के अनुसार चुकाना होगा।

इसलिए UPI पर क्रेडिट की सुविधा मिलने से भुगतान आसान हो सकता है लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय पुनर्भुगतान की शर्तों को समझना उतना ही जरूरी होगा।

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