26 अगस्त को आए विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ के 11 दिनों के भीतर ही ‘प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष’ में 10 अरब नेपाली रुपये (NPR) से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। इस बार नागरिकों, व्यापारियों और विदेश में रहने वाले दानदाताओं ने बैंक की लाइनों में लगे बिना सीधे मोबाइल बैंकिंग, QR कोड और अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों के माध्यम से डिजिटल रूप से पैसा भेजा है।
क्यूआर कोड और मोबाइल बैंकिंग का कमाल
नेपाल में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने सरकार को सीधे डिजिटल माध्यमों से दान दिया है। मंगोलियन हार्ट बैंड के गिटारवादक बॉबी लामा जैसे नागरिकों ने बताया कि जहां 2015 के भूकंप के समय बैंक जाकर नकदी ले जाना कठिन था, वहीं इस बार उन्होंने मोबाइल ऐप से केवल QR कोड स्कैन कर सीधे पैसे ट्रांसफर किए। यह सुविधा हर वर्ग के लिए उपलब्ध रही, जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर वैश्विक तकनीक कंपनी ‘एनवीडिया’ तक ने अपना योगदान दिया है।
विदेशों से भी आसानी से मिला सहयोग
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले के अनुसार, तकनीक ने विदेशों में बैठे लोगों के लिए भी दान प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। प्रवासी नेपाली और अंतरराष्ट्रीय दानदाता अब वीजा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) जैसे डॉलर-मूल्य वाले कार्ड्स के जरिए बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के दान कर रहे हैं। 3D सिक्योर सिस्टम से प्रमाणित ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्ड्स के जरिए 93,850 लेनदेन में 1.4 अरब रुपये से अधिक जुटाए गए। इसके अलावा भारत के UPI से 4.854 करोड़ रुपये और चीन के Alipay से 1.797 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
भुगतान कंपनियों के आंकड़े
डिजिटल भुगतान कंपनी ‘फोनपे’ (Fonepay) के कुल 8,89,145 लेनदेन में से 8,15,219 घरेलू QR भुगतान थे, जिनसे 2.095 अरब रुपये जुटाए गए। वहीं ‘नेपाल क्लीयरिंग हाउस लिमिटेड’ (NCHL) ने 2,46,614 लेनदेन दर्ज किए, जिनमें 1,12,932 घरेलू QR भुगतानों से 39.05 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कोइराला ने कहा कि बैंकों के डिजिटल बदलाव ने राहत राशि भेजने की प्रक्रिया को हर व्यक्ति की पहुंच में ला दिया है।
नेपाल के आईटी सेक्टर की बड़ी भूमिका
नेपाल की सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों ने भी इस राहत अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। आईटी कंपनियों की संस्था NAS-IT और ‘कैन फेडरेशन’ (CAN Federation) ने वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है। इस दौरान आईटी कंपनी ‘सीडार गेट’ ने 1,30,000 नेपाली रुपये मूल्य की राहत सामग्री वितरित की, जबकि ‘F1 सॉफ्ट ग्रुप’ ने प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 1.35 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
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