मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इराक में अमेरिकी और सऊदी सैन्य कार्रवाई की खबरों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और सऊदी अरब की ओर से जारी बयानों के अनुसार, हाल के दिनों में ड्रोन हमलों के जवाब में पूर्वी इराक के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कार्रवाई का किया दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पिछले 72 घंटों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के निर्देश पर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे। इसके जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकवादी संगठनों के लॉजिस्टिक्स और हथियारों से जुड़े कई ठिकानों पर हमले किए। कमांड ने कहा कि रिवोल्यूशनरी गार्ड और उससे जुड़े संगठनों को ऐसी गतिविधियां बंद करनी चाहिए, ताकि आगे सैन्य कार्रवाई की जरूरत न पड़े।
सऊदी अरब ने दी चेतावनी
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि उसका लक्ष्य तनाव बढ़ाना नहीं है, लेकिन अगर उस पर हमला किया जाता है तो वह जवाब देगा। मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों में 18 इराकी लड़ाकों के मारे जाने की बात कही गई है। वहीं दूसरी ओर, इराक के सात प्रांतों में हुए हमलों में कम से कम 20 लड़ाकों की मौत और 32 लोगों के घायल होने का भी दावा किया गया है।
PMF ने जारी किया बयान
ईरान समर्थित शिया गुटों के गठबंधन पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने बयान जारी कर कहा कि उसके कई ठिकानों पर रातभर हुए हमलों में कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य घायल हुए हैं। इसी बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए जेद्दा में गुरुवार को प्रस्तावित इराकी प्रधानमंत्री और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच होने वाली बैठक रद्द कर दी गई।
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