देहरादून(Dehradun) पांवटा साहिब पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी (प्रेमनगर) स्थित टौंस नदी का नया पुल पहली ही तेज बारिश में मुश्किलों का कारण बन गया। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल से जुड़ने वाली कनेक्टिंग सड़क देर रात अचानक धंस गई जिससे वहां बड़ा गड्ढा बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। यह मार्ग देहरादून के घंटाघर, आईएसबीटी और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण रास्तों में शामिल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
राहत कार्य के दौरान ट्रक भी धंसा
सड़क को दोबारा ठीक करने के लिए मिट्टी भरने का काम चल रहा था। इसी दौरान मिट्टी लेकर पहुंचा एक ट्रक भी कनेक्टिंग सड़क में धंस गया। ट्रक का पिछला हिस्सा गड्ढे में फंसने से वह असंतुलित होकर हवा में लटक गया। इसके बाद मौके पर मौजूद टीम ने जेसीबी और क्रेन की मदद से काफी प्रयास के बाद ट्रक को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने राहत कार्य को भी कुछ समय के लिए प्रभावित किया।
16 दिन पहले ही शुरू हुआ था यातायात
जानकारी के अनुसार, सितंबर 2025 में पुराना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद यहां अस्थायी पुलिया बनाई गई थी। मार्च 2026 में नए पुल का निर्माण शुरू हुआ। जुलाई में अस्थायी पुलिया भी धंस गई जिसके बाद तेजी से काम पूरा कर 12 जुलाई से नए पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। लेकिन महज 16 दिन के भीतर कनेक्टिंग सड़क धंसने से निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
यह मार्ग हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब, विकासनगर और चकराता को जोड़ने वाला अहम रास्ता है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल वाहनों को झाझरा के रास्ते देहरादून-पांवटा साहिब फोरलेन हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने सरकार पर निशाना साधते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।