डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान फिरोजाबाद के 21 वर्षीय युवक का हाथ काटने का मामला सामने आया है। युवक और उसके परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ड्रिप लगाने के दौरान हुई लापरवाही के बाद हाथ में गंभीर संक्रमण हुआ, जिसके चलते बाद में हाथ को दो बार काटना पड़ा। मामला सामने आने के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री ब्रजेश पाठक ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई होगी।
पेट के इलाज के लिए लखनऊ आया था युवक
फिरोजाबाद की नई बस्ती निवासी अंकित राठौर के मुताबिक, वह फुटपाथ पर फल-सब्जियां बेचकर परिवार का गुजारा करता था। पिछले साल उसके पेट में तेज दर्द हुआ। जांच में पता चला कि भोजन नली में खाना फंसने की समस्या थी। परिजन पहले उसे सैफई मेडिकल कॉलेज लेकर गए, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद अंकित को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया। जांच के बाद उसका ऑपरेशन किया गया और हाथ में ड्रिप लगाने के लिए कैनुला लगाया गया।
24 घंटे बाद हाथ में शुरू हुई परेशानी
अंकित का आरोप है कि कैनुला लगाए जाने के करीब 24 घंटे बाद उसके बाएं हाथ में सूजन और तेज दर्द शुरू हो गया। अगले दिन दूसरे डॉक्टर ने जांच के बाद कहा कि अगर शुरुआती छह घंटे में जरूरी कदम उठाए गए होते तो हाथ बचाया जा सकता था। इसके बाद डॉक्टर हितेश शारदा ने हाथ की सर्जरी की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। अंकित के मुताबिक, धीरे-धीरे हाथ काला पड़ने लगा और नसों को भी नुकसान पहुंचा।
‘मैं पेट का डॉक्टर हूं, हाथ का नहीं’
अंकित का दावा है कि जब उसने डॉक्टर से हाथ की स्थिति को लेकर बात की तो उसे कथित तौर पर जवाब मिला, “मैं पेट का डॉक्टर हूं, हाथ का नहीं।” परिवार के मुताबिक, संक्रमण और बिगड़ती स्थिति के कारण आखिरकार अंकित के हाथ को दो बार काटना पड़ा। अब वह दिव्यांग हो चुका है। अंकित की मां पुष्पा देवी का कहना है कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था। बेटे की हालत को लेकर वह बेहद परेशान हैं। परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के निर्देश
मामले पर डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिया कि जांच में यदि किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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