राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने जांच को लेकर कहा कि इसे तार्किक परिणाम तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से तीन सप्ताह बाद मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया।
SIT ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि SIT अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को दे चुकी है और SIT के अध्यक्ष भी अदालत में मौजूद हैं। सुनवाई के दौरान निर्मोही अखाड़े की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनकी भी एक याचिका है, जिसे अभी सूचीबद्ध नहीं किया गया है। इस पर CJI सूर्यकांत ने पूछा कि क्या वे भी मामले में बेहतर जांच चाहते हैं। वकील के हां कहने पर CJI ने कहा कि अदालत उन्हें भी सुनेगी।
‘जांच को लेकर सुझाव है तो दें’
निर्मोही अखाड़े के वकील ने कहा कि उनकी मांग यह भी है कि अदालत के पिछले फैसले का पूरी तरह पालन किया जाए। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि इसका मौजूदा मामले से संबंध नहीं है। CJI ने वकील से जांच के संबंध में अपनी बात रखने को कहा। इसी दौरान एक अन्य वकील ने SIT की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की। सॉलिसिटर जनरल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आपराधिक जांच की रिपोर्ट इस तरह उपलब्ध नहीं कराई जाती और रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाती है।
फॉरेंसिक ऑडिटर की मदद से जांच
CJI सूर्यकांत ने कहा कि SIT फॉरेंसिक ऑडिटर की मदद से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच को लेकर किसी के पास कोई सुझाव है तो वह सॉलिसिटर जनरल को दे सकता है। सॉलिसिटर जनरल उन सुझावों को SIT तक पहुंचाएंगे और SIT उन पर विचार करेगी।
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