उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भगवा पार्टी से नाता तोड़ते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। उन्होंने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव और जिलाध्यक्ष शुबलेश यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
‘टाटा बाय-बाय’ पोस्ट के बाद गरमाई थी सियासत
हाल ही में उत्तर प्रदेश से बीजेपी की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद से ही सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। आंवला से दो बार (2014 और 2019) सांसद रह चुके धर्मेंद्र कश्यप का नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं होने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर केवल ‘टाटा बाय-बाय’ लिखकर पोस्ट किया था। हालांकि उस पोस्ट में उन्होंने न तो पार्टी का नाम लिया था और न ही सीधे तौर पर इस्तीफा देने की बात कही थी, लेकिन उनके इस संदेश ने राजनीतिक हलकों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया था।
बेटी को चुनाव लड़ाने की चर्चा और राजनीतिक समीकरण
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी को समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार मिलने और राज्यसभा टिकट न मिलने से नाराज चल रहे कश्यप की पिछले दिनों अखिलेश यादव से हुई मुलाकातों ने पहले ही उनके पाला बदलने के संकेत दे दिए थे। अब आधिकारिक रूप से सपा में शामिल होने के बाद क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
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