देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग(8th Pay Commission) पर टिकी हुई है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने सरकार से आयोग की प्रगति और रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि आयोग का काम कितना आगे बढ़ा है और वेतन बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला कब तक आ सकता है। वित्त मंत्रालय की ओर से राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस सवाल का जवाब दिया।
उन्होंने बताया कि 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग अपने तय नियमों के अनुसार काम कर रहा है और उसे अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है। मंत्री ने कहा कि आयोग ने काम पूरा करने के लिए 18 महीने का समय मांगा है। यानी गठन की तारीख से 18 महीने के अंदर आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। हालांकि, आयोग हर छोटी प्रगति की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए बाध्य नहीं है।
कर्मचारी संगठनों ने की जल्द रिपोर्ट देने की मांग
सरकार के इस जवाब के बाद कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। ऑल इंडिया नेशनल पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने कहा कि अगर आयोग 18 महीने की समयसीमा के अनुसार चलता है तो रिपोर्ट अप्रैल 2027 से पहले आ सकती है।
सरकार ने फिर एक बार यही स्पष्ट किया है कि नवंबर 2025 में #8CPC के गठन के आधार पर कमिशन अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर देगा। इस हिसाब से अप्रैल 2027 से पहले रिपोर्ट सबमिट की जानी है। आठवें पे कमिशन की सिफारिशें 01 जनवरी 2026 से लागू होनी हैं। जबकि कमीशन का गठन ही देरी से हुआ है।… pic.twitter.com/RRcHTLw0F0
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) July 28, 2026

