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UP ATS ने मेरठ की एक मस्जिद से 24 साल के युवक को जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध के आरोप में किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने मेरठ की एक मस्जिद से 24 साल के एक व्यक्ति को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ATS के अनुसार, आरोपी मोहम्मद ज़फ़र बिहार के पूर्णिया ज़िले का रहने वाला है और उसने 2022 में मेरठ के एक मदरसे से मौलवी की डिग्री हासिल की थी। वह लगभग दो महीने पहले मेरठ लौटा था और रविवार को उसे एक मस्जिद से गिरफ्तार किया गया।

मस्जिद से गिरफ्तार

सोमवार को जारी एक प्रेस नोट में, ATS ने आरोप लगाया कि ज़फ़र मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा इकट्ठा करता था और वह पैसा पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद को भेजता था। एजेंसी ने बताया कि जांचकर्ताओं को उसके मोबाइल फ़ोन पर पाकिस्तानी जिहादी WhatsApp ग्रुप और जिहाद व ख़िलाफ़त की स्थापना से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों में उसकी कथित संलिप्तता के सबूत भी मिले हैं।

पूछताछ के दौरान, ज़फ़र ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसने मदरसे में पढ़ाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के बारे में पढ़ा था। ATS का आरोप है कि वह जिहाद और उग्रवादियों की मौत का महिमामंडन करने वाली सामग्री से प्रभावित हुआ और बाद में जैश प्रमुख मसूद अज़हर के प्रभाव में आ गया। एजेंसी के अनुसार, ज़फ़र अज़हर के भाषणों से प्रभावित था और लोगों को हिंसक जिहाद के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से सोशल मीडिया पर भड़काऊ और जिहादी सामग्री शेयर करता था। जांचकर्ताओं को उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी ऐसी ही सामग्री मिली है।

ATS ने कहा कि ज़फ़र जिहाद और ख़िलाफ़त से जुड़े बयान पोस्ट करने के लिए Facebook का इस्तेमाल करता था, जिसमें ऐसे पोस्ट भी शामिल थे जिनमें उसका चेहरा ढका हुआ था। ATS ने आरोप लगाया कि ज़फ़र ने जिहाद में हैंडलर की मदद करने की पेशकश की थी। हैंडलर के निर्देश पर, उसने कथित तौर पर पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की और बाद में Binance अकाउंट की जानकारी मांगी।

पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों की जांच

जांचकर्ताओं के अनुसार, ज़फ़र संदिग्ध पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स के संपर्क में था और उसने कथित तौर पर कई बार USDT का इस्तेमाल करके पैसे ट्रांसफर किए। ATS अब उसके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और कथित आतंकी नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

एजेंसी ने बताया कि ज़फ़र के खिलाफ़ संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। जांचकर्ता उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल फ़ोन चैट्स और पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों की जांच कर रहे हैं। वे चंदे के तौर पर इकट्ठा किए गए और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए ट्रांसफर किए गए फंड के स्रोत और मंज़िल का भी पता लगा रहे हैं। ATS इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस कथित नेटवर्क में और लोग भी शामिल थे और क्या ज़फ़र ने जैश-ए-मोहम्मद के दूसरे सदस्यों के साथ कोई संबंध बनाए थे।

जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान में स्थित एक चरमपंथी संगठन है, जिसे 2000 में मसूद अज़हर ने बनाया था। इस संगठन पर भारत में कई हमले करने का आरोप है और भारत तथा कई अन्य देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

 

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