Asian Para Games: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों को अब अगला लक्ष्य दे दिया है। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि आइची-नागोया में मिली सफलता को आखिरी पड़ाव न मानें, बल्कि इसे आगे की बड़ी उपलब्धियों की शुरुआत बनाएं। अब सभी खिलाड़ियों को 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक की तैयारी में जुट जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पदक जीतने के साथ-साथ 140 करोड़ देशवासियों का दिल भी जीता है।
PM मोदी ने खिलाड़ियों से की मुलाकात
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने एशियन पैरा गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। पीएम ने खिलाड़ियों से बातचीत की, उन्हें मिठाई खिलाई और उनका उत्साह बढ़ाया। पैरा एथलीट नवीन कुमार से भी प्रधानमंत्री ने कुछ देर बातचीत की। इस दौरान कई खिलाड़ियों ने पीएम से ऑटोग्राफ लिया और अपने पदक दिखाए। खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
14 से 114 पदकों तक पहुंचा भारत का सफर
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पैरा एशियन गेम्स में लंबा सफर तय किया है। वर्ष 2010 में भारत ने इस प्रतियोगिता में केवल 14 पदक जीते थे, जबकि इस बार भारतीय खिलाड़ी 114 पदक लेकर लौटे हैं। यह खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है।
भारत ने इस बार 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक जीते। खिलाड़ियों ने पांच विश्व रिकॉर्ड भी बनाए। प्रतियोगिता में 34 भारतीय बेटियां पदक विजेता बनीं। वहीं, चार स्पर्धाओं में पोडियम की तीनों जगह भारतीय खिलाड़ियों ने कब्जा जमाया। पीएम ने कहा कि खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि सबसे ऊंची उड़ान हौसलों से ही भरी जाती है।
‘युवाओं की भागीदारी आज के भारत की तस्वीर’
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार कई ऐसे खेलों में भी भारत को पदक मिले हैं, जिनमें पहले भागीदारी केवल औपचारिकता मानी जाती थी। पैरा निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने रिकॉर्ड बनाया। प्रतियोगिता में 61 खिलाड़ी पहली बार शामिल हुए और उन्होंने पदक भी जीते। संदीप ने अपने पदार्पण में ही विश्व रिकॉर्ड कायम किया।
पीएम मोदी ने कहा, युवाओं की भागीदारी आज के भारत की तस्वीर और भविष्य के भारत का उद्घोष भी है। उन्होंने कहा कि अब नए-नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और देश को हर प्रतियोगिता में नए चैंपियन मिल रहे हैं।
खेलो इंडिया और टॉप्स योजना से मिल रहा फायदा
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार देश में आधुनिक खेल व्यवस्था तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। स्कूलों और जमीनी स्तर पर खेल अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए गए हैं और खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की तैयारी कराने के लिए टॉप्स योजना शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि एशियन पैरा गेम्स में टॉप्स योजना से सहायता पाने वाले खिलाड़ियों ने 41 पदक जीते, जबकि खेलो इंडिया से जुड़े खिलाड़ियों ने 19 पदक अपने नाम किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
खिलाड़ियों के उपकरण भी होने चाहिए मेड इन इंडिया
प्रधानमंत्री ने खेलों के साथ खेल उपकरणों के निर्माण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ी विश्वस्तरीय होने चाहिए और उनके इस्तेमाल के उपकरण भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के होने चाहिए। खिलाड़ियों के जूते और अन्य खेल सामग्री मेड इन इंडिया होनी चाहिए। इसके लिए देश के खेल निर्माण उद्योग को आगे आकर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
दिव्यांगजनों के लिए सरकारी प्रयासों का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें स्कूलों और विभिन्न संस्थानों में जाकर युवाओं को अपने अनुभव बताने चाहिए। साथ ही दिव्यांगजनों की जिंदगी आसान बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा करनी चाहिए। उन्होंने पेंशन से जुड़े फैसलों, दिव्यांगता का निर्धारित मानक 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने और जन्म से दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन का रास्ता खोलने का जिक्र किया। इसके अलावा भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने और स्कूलों की किताबें सांकेतिक भाषा में उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी जानकारी दी।
2028 लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक है अगला लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि आइची-नागोया का पोडियम उनके जीवन का आखिरी पड़ाव नहीं है। इस सफलता को आगे बढ़ने के लिए लॉन्चिंग पैड की तरह इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने 2028 लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक में ज्यादा से ज्यादा भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी और अधिक पदक जीतने का लक्ष्य दिया।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि वे अपनी इस सफलता का जश्न मनाएं, लेकिन साथ ही अगले लक्ष्य की तैयारी भी अभी से शुरू कर दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा देश 2028 में भारतीय खिलाड़ियों की एक और ऐतिहासिक जीत का इंतजार करेगा।
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