सोशल मीडिया की दुनिया के चमक-धमक और वास्तविक जमीनी हकीकत के बीच का अंतर राजस्थान पंचायत चुनाव में एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। प्रदेश के चर्चित फिटनेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी कोमल साहू को पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए भारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस चुनाव परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वर्चुअल दुनिया के लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स इस बात की कोई गारंटी नहीं देते हैं कि जनता उन्हें चुनावी मैदान में वोट भी देगी।
फूलिया खुर्द पंचायत से मैदान में उतरी थीं कोमल
भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत फूलिया खुर्द से कोमल साहू सरपंच पद के चुनाव में उतरी थीं। उनके पति पवन साहू ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पत्नी के पक्ष में ताबड़तोड़ प्रचार किया था। चुनाव जीतने के लिए उन्होंने अपनी तरफ से जनता के बीच कई विकास कार्य भी किए, जिसमें खुद के पैसों से हैंडपंप और ट्यूबवेल लगवाना तथा लोगों के घर बनवाने की अपील करना शामिल था। बावजूद इसके, ग्रामीण मतदाताओं ने उन्हें खारिज कर दिया।
महज 277 वोटों पर सिमटी किस्मत
वोटिंग और परिणामों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पवन साहू के यूट्यूब चैनल पर 2 करोड़ 77 लाख (2.77 करोड़) सब्सक्राइबर्स हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर उन्हें 70 लाख लोग फॉलो करते हैं। इतनी विशाल फैन फॉलोइंग के बावजूद ग्राम पंचायत फूलिया खुर्द में कोमल साहू को मात्र 277 वोट ही मिल सके और वे मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहीं। इस चुनाव में भगवतीलाल सोनी ने 1203 वोट पाकर शानदार जीत दर्ज की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और पूर्व सरपंच कालूराम जाट को 797 वोट मिले।
हार के बाद सामने आया पवन का रिएक्शन
चुनाव में करारी हार मिलने के बाद पवन साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे अपने समर्थकों के बीच नजर आ रहे हैं। हार स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास प्रचार के लिए सिर्फ पांच दिन थे, जिसमें उन्होंने कड़ा मुकाबला किया। उन्होंने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि वे सिर्फ चुनाव हारे हैं और जीवन का दायरा महज एक सरपंच के पद तक सीमित नहीं है।
पहले भी आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि राजस्थान में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के चुनाव हारने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले जोधपुर जिले की ओसियां तहसील के अंतर्गत आने वाली ‘इंदों की ढाणी’ ग्राम पंचायत से भी ऐसा ही मामला सामने आया था। वहां 21 लाख फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ज्योतिषी ओम प्रकाश बिश्नोई को कुल 1,600 वोटों में से महज 33 वोट ही मिल पाए थे।
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