बेंगलुरु में ऑनलाइन ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक टेक प्रोफेशनल से कथित तौर पर 1.9 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने फेसबुक पर ट्रेडिंग से जुड़ा विज्ञापन देखने के बाद एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश शुरू किया था। बाद में जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो उससे लगातार और पैसे जमा करने को कहा गया। मामला सामने आने के बाद ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, पूर्वी बेंगलुरु के वाराणसी इलाके में रहने वाले पीड़ित ने 27 फरवरी को फेसबुक पर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के जरिए संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधि और सलाहकार बताया। उन्होंने निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा देकर पीड़ित को एक वेबसाइट पर अकाउंट बनाने के लिए तैयार किया। शिकायत के अनुसार, वेबसाइट पर दावा किया गया था कि प्लेटफॉर्म को म्वाली द्वीप, कोमोरोस में रजिस्टर्ड एक कंपनी संचालित करती है। इसके बाद पीड़ित ने वहां ट्रेडिंग शुरू की। इसी दौरान राजा एस नाम के व्यक्ति से उसकी नियमित बातचीत होने लगी, जिसने खुद को अकाउंट मैनेजर बताते हुए निवेश और लेनदेन को लेकर निर्देश दिए।
पहले निकासी, फिर बढ़ती गई रकम की मांग
पीड़ित का आरोप है कि कई महीनों तक उसने अलग-अलग मौकों पर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की। शुरुआत में वह कुछ पैसा निकाल भी सका, जिससे उसे प्लेटफॉर्म पर भरोसा बना रहा। हालांकि बाद में जब उसने अपनी जमा रकम वापस लेने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसे निकासी के बजाय और ट्रेडिंग करने के लिए कहा जाने लगा। 9 सितंबर को उसने दोबारा पैसे निकालने का अनुरोध किया। शिकायत के मुताबिक, 48 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। इसके बजाय उसे बताया गया कि निकासी की प्रक्रिया जटिल और लंबी है। आरोप है कि पैसे रिलीज कराने के नाम पर उससे और लाखों रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया।
साइबर क्राइम पुलिस ने शुरू की जांच
इसके बाद पीड़ित को शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। शिकायत में उसने उन कई लोगों के नाम और संपर्कों की जानकारी पुलिस को दी है, जिन्होंने कथित तौर पर उससे बातचीत की थी। उसने इन लोगों की पहचान और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से उनके संबंधों की जांच की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, 27 फरवरी से 9 सितंबर के बीच हुए लेनदेन में पीड़ित को कुल 1.9 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया है। उसने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर भी मामले की सूचना दी। अब ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, रकम के लेनदेन और संपर्क में आए लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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