Volcano Erupts in Indonesia: इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी में रविवार सुबह विस्फोट हुआ। ज्वालामुखी से निकली राख पश्चिमी इंडोनेशिया के कई हिस्सों में फैल गई। इसका सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा और जकार्ता के सुकर्णो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। इस घटना से कुल 209 उड़ानें प्रभावित हुईं और करीब 22,800 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रभावित उड़ानों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों फ्लाइट शामिल हैं।
दो बड़े गुबारों ने बढ़ाई चिंता
अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच सुंडा स्ट्रेट में स्थित है। शनिवार से इसकी गतिविधियां बढ़ रही थीं। रविवार सुबह 3:53 बजे करीब 30 सेकंड तक विस्फोट हुआ। इसके बाद राख के दो बड़े गुबार बने। पहला गुबार करीब 20 हजार फीट यानी 6 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ा, जिससे जकार्ता, बैंटन और पश्चिमी जावा प्रभावित हुए।
🚨 Indonesia's Mt. Anak Krakatau erupted Friday September 4 overnight into Saturday, spewing rocks and volcanic ash into the air.
Another eruption occurred in the following hours, with the height of the column of black smoke observed at over 1,000 meters. pic.twitter.com/hmDClI85Ne
— Massimo (@Rainmaker1973) September 5, 2026
50 हजार फीट ऊपर पहुंचा राख का दूसरा गुबार
दूसरा राख का गुबार करीब 50 हजार फीट यानी 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा। इसके चलते बैंटन, लामपुंग, बेंगकुलु, दक्षिणी सुंडा जलडमरूमध्य और सुमात्रा के पश्चिम में हिंद महासागर के कुछ हिस्से प्रभावित हुए।
सुकर्णो-हट्टा एयरपोर्ट पर उड़ानें सस्पेंड
सुकर्णो-हट्टा एयरपोर्ट ने शुरुआत में सुबह 5:30 बजे तक उड़ानें रोकने की घोषणा की थी, लेकिन हवा में फैली ज्वालामुखीय राख के कारण इसे बढ़ाकर सुबह 9:30 बजे तक कर दिया गया। रात में एयरपोर्ट पर खड़े 170 विमान वहीं मौजूद रहे। यात्रियों ने टिकट का पैसा वापस मांगा और अपना चेक-इन सामान भी वापस लिया।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों पर असर
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। इसके अलावा हांगकांग, सिडनी, एम्स्टर्डम, सियोल, दोहा और कुआलालंपुर जाने वाली उड़ानें भी रद्द, लेट या री-शेड्यूल हुईं। घरेलू उड़ानों में लामपुंग, बाली, सुराबाया और मकासर की कुछ फ्लाइट भी प्रभावित हुईं।
लोगों और पर्यटकों को सावधानी की सलाह
फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है और लोगों को वहां से हटाने का आदेश भी जारी नहीं किया गया है। ज्वालामुखी के सबसे नजदीक आबादी करीब 16 किलोमीटर दूर है। हालांकि, लोगों और पर्यटकों को सक्रिय क्रेटर से कम से कम 3 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी गई है।
राख से बचने के लिए एडवाइजरी जारी
राख गिरने वाले इलाकों में लोगों को मास्क पहनने और आंखों की सुरक्षा करने, बाहर कम निकलने, पानी के स्रोतों को ढककर रखने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राख के कारण आंखों में जलन की शिकायतें भी सामने आई हैं। कुछ स्कूलों ने गतिविधियां रद्द कर दी हैं, जबकि मछुआरों ने समुद्र में जाना रोक दिया है।
2018 की सुनामी ने मचाई थी तबाही
अधिकारियों ने फिलहाल तत्काल सुनामी का खतरा नहीं बताया है। हालांकि, अनाक क्राकाटोआ का इतिहास गंभीर रहा है। 2018 में इसी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद आई सुनामी में कम से कम 430 लोगों की मौत हुई थी। फिलहाल इंडोनेशिया की ज्वालामुखी, आपदा और मौसम एजेंसियां ज्वालामुखी की गतिविधि और राख के फैलाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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