जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़(Kishtwar case) में 15 वर्षीय आदिवासी किशोरी की मौत से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। यह फैसला उस समय सामने आया है जब किशोरी के पिता ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
आरोप है कि किशोरी के स्कूल शिक्षक ने कई महीनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया था। 20 अगस्त को गर्भावस्था समाप्त करने की प्रक्रिया के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले ही मामले की जांच के लिए SIT गठित कर रखी है और अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
छह लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में स्कूल का हेडमास्टर, कथित मुख्य आरोपी शिक्षक, एक नर्स और किश्तवाड़ जिला अस्पताल में दैनिक वेतन पर काम करने वाला सैनिटरी कर्मचारी शामिल हैं। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सरकार ने जांच पूरी होने तक संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
परिवार ने कोर्ट में क्या मांग रखी?
पीड़िता के पिता की याचिका में केवल कथित दुष्कर्म की जांच ही नहीं बल्कि किशोरी की मौत से पहले हुई पूरी घटनाओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। परिवार ने कथित पंचायत हस्तक्षेप और समझौते के लिए दबाव बनाए जाने की जांच की मांग भी रखी है।
परिवार के मुताबिक, किशोरी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उसकी गर्भावस्था की जानकारी मिली। याचिका में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल, डोडा और फिर पंजाब तक उसके इलाज और ले जाने से जुड़ी घटनाओं का विवरण दिया गया है।
डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने की मांग
परिवार ने अस्पताल के दस्तावेज, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, मेडिकल पर्चे, एंबुलेंस रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। इसके अलावा कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा, इलेक्ट्रॉनिक बातचीत, वित्तीय रिकॉर्ड तथा फोरेंसिक और DNA सबूतों की जांच की मांग भी की गई है।
क्राइम ब्रांच की पुलिस महानिरीक्षक सारा रिजवी ने पुष्टि की है कि एजेंसी को मामला ट्रांसफर होने की जानकारी मिल चुकी है और इसे अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया चल रही है। मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में सोमवार को होने की बात कही गई है।
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