पाकिस्तान के थारपारकर जिले में एक ऐसा वीभत्स हादसा सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। इलाज की उम्मीद में एक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची गर्भवती महिला को न केवल अपने बच्चे का दीदार नसीब हुआ, बल्कि एक भीषण अग्निकांड में उसकी अपनी जान भी चली गई। इस दर्दनाक हादसे में गर्भवती महिला समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
ऑक्सीजन सिलेंडर बदलते समय हुआ जोरदार धमाका
यह हृदयविदारक घटना थारपारकर के नगरपारकर इलाके में स्थित एक बेसिक हेल्थ यूनिट (BHU) प्लस स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हुई। जानकारी के अनुसार, यह एंबुलेंस ‘पीपुल्स प्राइमरी हेल्थकेयर इनिशिएटिव’ (PPHI) द्वारा संचालित की जाती थी। नगरपारकर की सहायक आयुक्त इरुम करीम नरेजो के मुताबिक, जब एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थी, तब स्वास्थ्यकर्मी उसमें ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने का काम कर रहे थे और वाहन के भीतर एक गर्भवती महिला भी मौजूद थी। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते एंबुलेंस आग की भीषण लपटों की चपेट में आ गई।
आग की तेज लपटों से घिरी एंबुलेंस
वाहन में आग इतनी तीव्र गति से फैली कि अंदर मौजूद गर्भवती महिला को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। पुलिस और प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में गर्भवती महिला के अलावा PPHI का एक डिस्पेंसर, एंबुलेंस चालक, एक चौकीदार, स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारी और तीमारदार शामिल हैं। इस हादसे में दो दाइयों सहित एक महिला स्वास्थ्यकर्मी भी बुरी तरह झुलस गई हैं। सभी गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बेहतर इलाज के लिए कराची रेफर किया गया था, जहां रास्ते में एक और घायल की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर नौ हो गया।
सिंध सरकार ने लिया सख्त संज्ञान
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। इस भीषण त्रासदी का सिंध के गृह एवं कानून मंत्री जियाउल हसन लंजर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए थारपारकर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और डिप्टी कमिश्नर से पूरी रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने को हादसे की वजह बताया जा रहा है, हालांकि विस्फोट के असली कारणों की सटीक पुष्टि करने के लिए मीरपुरखास और कराची से फोरेंसिक व तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को मौके पर बुलाया गया है जो साक्ष्यों की गहन जांच कर रही हैं।
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