Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में अर्नब तूफान का असर दिखाई देने लगा है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई हिस्सों में गुरुवार सुबह बारिश हुई। इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग ने पहले ही 29 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी, जो अब सही साबित होती दिख रही है।
30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान था। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
इन इलाकों में हुई बारिश
गुरुवार सुबह दिल्ली के संगम विहार, कालकाजी, ओखला, जामिया और कालिंदी कुंज में बारिश दर्ज की गई। वहीं नोएडा के सेक्टर 65, सेक्टर 50, सेक्टर 52 और सेक्टर 98 समेत कई इलाकों में भी बारिश हुई। बारिश के कारण सुबह के समय मौसम सुहाना होने के साथ ठंड का असर भी बढ़ गया।
अगले तीन दिन बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR में अगले तीन दिनों तक अलग-अलग हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। 30 अक्टूबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट के चलते सुबह और शाम के समय लोगों को हल्की ठंड महसूस होगी।
29 और 30 अक्टूबर को तापमान में गिरावट
29 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं 30 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। यानी अगले दो दिनों तक बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम में ठंडक बनी रहेगी।
31 अक्टूबर से मौसम में धीरे-धीरे बदलाव
31 अक्टूबर को दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके बाद 1 और 2 नवंबर को आसमान साफ से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
बारिश के बीच फिर बिगड़ी हवा की गुणवत्ता
मौसम में बदलाव के बावजूद दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता चिंता बढ़ा रही है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में गिरावट के साथ प्रदूषण की स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।
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