गुजरात की राजकोट ग्रामीण साइबर क्राइम पुलिस ने व्हाट्सएप पर शादी के निमंत्रण के नाम से APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने कोलकाता और बेंगलुरु से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से अलग-अलग राज्यों में दर्ज सात साइबर ठगी के मामलों की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
रिश्तेदार के नाम से आया मैसेज
मामले की शुरुआत राजकोट ग्रामीण के धोराजी तालुका स्थित सुपेड़ी गांव के सेवानिवृत्त कर्मचारी जयंतीभाई के साथ हुई ठगी से हुई। उनके व्हाट्सएप पर एक करीबी रिश्तेदार के अकाउंट से शादी के निमंत्रण जैसी दिखने वाली APK फाइल भेजी गई थी। परिचित के नाम से संदेश आने के कारण उन्होंने फाइल की पुष्टि किए बिना उसे इंस्टॉल कर लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकल गए। जयंतीभाई ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को भरोसे में लेने के लिए APK फाइलों को शादी का कार्ड, वेडिंग वीडियो, कूरियर, बिजली बिल और ई-चालान जैसे नाम देते थे। राजनीतिक संदेशों समेत दूसरे आकर्षक विषयों का भी इस्तेमाल किया जाता था। फाइल इंस्टॉल होने के बाद पीड़ित के मोबाइल तक पहुंच हासिल कर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करने की कोशिश की जाती थी।
सोने की खरीद-बिक्री से रकम छिपाने का तरीका
जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे। कोई APK फाइल तैयार करने वाले डेवलपर से संपर्क करता था, तो कोई फाइल फैलाने, भुगतान कराने और रकम को दूसरे खातों तक पहुंचाने का काम करता था। ठगी की रकम ज्वैलर्स के बैंक खातों में ट्रांसफर कर सोने के सिक्के और आभूषण खरीदे जाते थे। बाद में सोना बेचकर नकदी जुटाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, एटीएम से निकासी और हवाला के जरिए रकम भेजने जैसे तरीकों की भी जांच की जा रही है।
कोलकाता और बेंगलुरु से तीन गिरफ्तार
बैंक स्टेटमेंट, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और फंड ट्रेल का विश्लेषण करने के बाद पुलिस को आरोपियों के कोलकाता और बेंगलुरु से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीमों ने कार्रवाई कर मोहम्मद दानिश उर्फ डेनियल, मोहम्मद तौसीफ रजा और ज़ोया खान को गिरफ्तार किया।पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, दानिश की भूमिका APK डेवलपर से संपर्क और ठगी की रकम को सोने की खरीद-बिक्री के जरिए नकदी में बदलने से जुड़ी बताई गई है। तौसीफ पर सोने के सिक्कों और आभूषणों की खरीद तथा रकम के लेनदेन में शामिल होने का संदेह है। वहीं, ज़ोया पर QR कोड के जरिए भुगतान की व्यवस्था करने, सोने की खरीद-बिक्री और कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्रों के इस्तेमाल में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन की कड़ियों और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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