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चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में मचाई भारी तबाही, 5 लोगों की मौत, 3.45 लाख किसान प्रभावित, CM ने किया मुआवजे का ऐलान, अब कहां पहुंचा?

Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के तटीय इलाकों से गुजरने वाले इस भीषण तूफान में पांच लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। अब तूफान कमजोर होकर ओडिशा की ओर बढ़ गया है, जहां कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

विशाखापत्तनम में सबसे ज्यादा जनहानि

मुख्यमंत्री नायडू के अनुसार, विशाखापत्तनम में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत हुई। अनाकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति की जान गई। नायडू ने बुधवार शाम आरटीजीएस केंद्र में हालात की समीक्षा की और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

15 हजार बिजली के खंभे उखड़े

शुरुआती आकलन में करीब 15 हजार बिजली के खंभे उखड़ने और 180 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। सड़कों पर 220 से अधिक पेड़ गिरे, जिनमें से 170 से ज्यादा को बुधवार दोपहर तक हटा दिया गया। कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा और अनाकापल्ली में तूफान का असर ज्यादा रहा। विशाखापत्तनम के चार वार्डों में जलभराव हुआ और दमकल व आपातकालीन सेवाओं को 220 से अधिक कॉल मिलीं।

3.45 लाख किसान प्रभावित

चक्रवात से 14 जिलों में 2,24,489 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। करीब 3.45 लाख किसानों पर इसका असर पड़ा है। कृषि और बागवानी फसलों को लगभग 70,900 हेक्टेयर में नुकसान का अनुमान है, जबकि करीब 10,450 हेक्टेयर फसल जलमग्न या क्षतिग्रस्त हुई है। अंतिम आंकड़े फील्ड सर्वे के बाद बदल सकते हैं।

किसानों के लिए आर्थिक मदद

राज्य सरकार ने कपास और गन्ने के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, केले के लिए 15,000 रुपये और टमाटर के लिए 25,000 रुपये की सहायता घोषित की है। नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्र से मदद और नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह किया है।

28 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले

चक्रवात के खतरे को देखते हुए 28 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को बंदरगाह लौटने के निर्देश दिए गए। 14 जिलों में एनडीआरएफ की 16 और एसडीआरएफ की 11 टीमें तैनात की गईं। चिकित्सा दल, एंबुलेंस, राहत सामग्री और बिजली बहाली की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं।

125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार

IMD के मुताबिक, अर्नब बुधवार रात 2 से सुबह 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से गुजरा। उस समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटे थी। सुबह 8:30 बजे यह कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान बना और हवा की गति 110 से 120 किमी प्रति घंटे रह गई। इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने का अनुमान था।

ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

ओडिशा में 30 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मलकानगिरि समेत संवेदनशील जिलों पर विशेष नजर रखने को कहा। ”सरकार गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर जिलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।”

नबरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां 50 से 70 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी भी दी गई है। 313 राहत दलों में ओडीआरएएफ की 60, एनडीआरएफ की नौ और दमकल की 244 टीमें तैनात हैं। सभी 19,143 मछली पकड़ने वाली नौकाएं तट पर लौट आई हैं।

रेल और हवाई सेवाओं पर नजर

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों के सुरक्षित संचालन पर लगातार नजर रखी जा रही है। दस स्थानों पर पेड़ गिरने से आई बाधाएं समय रहते हटा दी गईं। भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर उड़ानें ज्यादातर सामान्य रहीं, हालांकि एक उड़ान रद्द हुई। दक्षिणी जिलों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं, लेकिन बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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