पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए तुरंत शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजा जाए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उनके स्वास्थ्य की जांच और इलाज की देखरेख के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाया जाए।
मेडिकल याचिकाओं पर बेंच की सुनवाई
जस्टिस शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच खान के इलाज और उनके परिवार से मुलाकातों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस बेंच में जस्टिस नईम अख्तर अफगान और इश्तियाक इब्राहिम भी शामिल थे।
कोर्ट ने पूरा मेडिकल रिकॉर्ड मांगा
कोर्ट ने अदियाला जेल से खान का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड मांगा, क्योंकि जस्टिस वहीद ने बताया कि पूरी रिपोर्ट के बजाय सिर्फ़ एक समरी ही सौंपी गई थी। जेल की एक रिपोर्ट में खान की पल्स और दिल की हालत को लेकर चिंता जताई गई थी और एंजियोग्राफी की सलाह दी गई थी। इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल ने कहा कि यह प्रक्रिया जेल के बाहर किसी अस्पताल में की जा सकती है।
Welcome Supreme Court order directing shifting of former PM Imran Khan to private Shifa Eye hospital. He should be provided the best possible medical treatment and allowed visitors as per law
— Shafqat Mahmood (@Shafqat_Mahmood) August 18, 2026
PTI ने खान के शरीर में ब्लड क्लॉट बनने के संभावित कारणों की जांच की भी मांग की और अनुरोध किया कि उनके निजी डॉक्टरों को उनकी जांच करने की अनुमति दी जाए।
PTI से मामले का राजनीतिकरण न करने की अपील
सुप्रीम कोर्ट ने PTI से अपील की कि वह खान के स्वास्थ्य के मामले का राजनीतिकरण न करे। जस्टिस अफगान ने कहा कि पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी मेडिकल स्थिति कोई राजनीतिक मुद्दा न बने।
परिवार से मुलाकातों पर कोर्ट का रुख
कोर्ट ने यह भी कहा कि खान और उनकी बहनों के बीच मुलाकात उनका मौलिक अधिकार है और पिछले तीन वर्षों में उनकी मुलाकातों का विवरण मांगा, साथ ही खान और उनके बेटों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड भी मांगा। 73 वर्षीय खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उन पर कई मामले चल रहे हैं, जिन्हें उन्होंने और PTI ने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
READ MORE: दिल्ली SIR का डेटा जारी, 13 जिलों में सिर्फ 67.18% फॉर्म डिजिटाइज, बाकी का क्या होगा?

