दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (Delhi SIR) के तहत मतदाताओं को दिए गए गणना प्रपत्र जमा करने की समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो गई। हालांकि, जिन लोगों ने अभी तक फॉर्म जमा नहीं किया है उनके लिए रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद वे दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से 97,47,879 गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं। यानी कुल मतदाताओं के 67.18 प्रतिशत फॉर्म अब तक डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं। सभी 13 जिलों में फॉर्म का वितरण 100 प्रतिशत बताया गया है।
जिला स्तर पर आंकड़ों में अंतर
जिला स्तर पर आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली में 15,57,289 मतदाताओं में से 8,77,064 फॉर्म डिजिटाइज हुए जो 56.32 प्रतिशत है। वहीं पुरानी दिल्ली में यह आंकड़ा 66.87 प्रतिशत और नई दिल्ली में 60.76 प्रतिशत रहा। सेंट्रल दिल्ली में 61.96 प्रतिशत, सेंट्रल नॉर्थ में 68.84 प्रतिशत और साउथ दिल्ली में 61.32 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हुए।
ईस्ट दिल्ली में यह आंकड़ा 64.37 प्रतिशत रहा। दूसरी ओर, आउटर नॉर्थ में 75.68 प्रतिशत और पश्चिम दिल्ली में 73.29 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए गए। नॉर्थ वेस्ट और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में क्रमशः 70.89 और 70.94 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल किए गए। दक्षिण-पश्चिम में भी यह आंकड़ा 73.16 प्रतिशत रहा।
मतदाताओं के लिए आगे क्या?
SIR प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के फॉर्म अभी दर्ज नहीं हुए हैं, उन्हें ड्राफ्ट सूची आने के बाद अपनी स्थिति जांचने और जरूरत पड़ने पर दावा या आपत्ति दाखिल करने का अवसर मिलेगा। अंतिम सूची 27 अक्टूबर को जारी होगी।