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संदिग्ध विदेशी रेमिटेंस के खिलाफ आयकर विभाग का बड़ा अभियान, देशभर में जांच शुरू

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने विदेशी मुद्रा के बाहर ट्रांसफर से जुड़े डेटा के एनालिसिस और ज़मीनी जानकारी के आधार पर संदिग्ध विदेशी रेमिटेंस की देशव्यापी जांच शुरू की है। 18 अगस्त को घोषित इस जांच में उन संस्थाओं को शामिल किया गया है जिन पर पिछले तीन वर्षों में विदेश में असामान्य रूप से बड़ी रकम भेजने का संदेह है।

विभाग ने कहा कि यह जांच संदिग्ध शेल संस्थाओं (फर्जी कंपनियों), उन्हें चलाने वाले व्यक्तियों और फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी करने वाले प्रोफेशनल्स पर केंद्रित है। इसमें लगभग 394 संस्थाएं (जिनमें भारत की ज़मीनी सीमाओं से लगे राज्यों में स्थित 117 संस्थाएं शामिल हैं) और 36 प्रोफेशनल्स शामिल हैं। आगे की जांच जारी है।

विभाग की नज़र में संदिग्ध रेमिटेंस

यह जांच एक सर्च ऑपरेशन के बाद शुरू की गई है, जिसमें फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों का एक नेटवर्क शामिल था। इन पर आरोप है कि वे फर्जी दान और योगदान के बदले ‘अकोमोडेशन एंट्री’ उपलब्ध कराने का काम करते थे।

बाद की ज़मीनी जांच से पता चला कि विदेशी रेमिटेंस में शामिल कई संस्थाएं या तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करती थीं या उन्होंने अपने रिटर्न में बहुत कम टर्नओवर दिखाया था। विभाग के अनुसार, इन संस्थाओं की वित्तीय स्थिति विदेश में भेजी गई बड़ी रकम के हिसाब से मेल नहीं खाती थी।

कुछ रेमिटेंस के बताए गए उद्देश्य, जैसे फ्रेट पेमेंट (माल ढुलाई का भुगतान), सॉफ्टवेयर इम्पोर्ट और कंसल्टिंग सर्विस, भी संस्थाओं की बताई गई गतिविधियों से मेल नहीं खाते थे। अधिकारियों ने यह भी पाया कि कुछ संस्थाएं अपने रिकॉर्ड में बताए गए पते से काम नहीं कर रही थीं। डेटा एनालिसिस से यह भी पता चला कि प्रोफेशनल्स के एक छोटे समूह ने बड़ी संख्या में फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए थे, जबकि विदेश भेजे गए फंड को संस्थाओं के एक सीमित समूह ने प्राप्त किया था।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉर्म 15CB के मामले में ज़रूरी जांच-पड़ताल पर सवाल उठाए

फॉर्म 15CB और उससे जुड़े नियमों के तहत, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) के लिए ज़रूरी है कि वे अकाउंट की किताबों और अन्य संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल करके विदेशी रेमिटेंस के टैक्स से जुड़े पहलुओं की जांच करें। इसलिए, विभाग ने चिंता जताई है कि क्या कुछ सर्टिफिकेट जारी करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल की गई थी।

टैक्स अथॉरिटी ने CAs से आग्रह किया है कि वे फॉर्म 15CB या संबंधित फॉर्म 146 जारी करते समय सावधानी बरतें, पेशेवर समझ का इस्तेमाल करें और ज़रूरी जांच-पड़ताल करें। प्रोफेशनल्स को सलाह दी गई है कि वे विदेशी रेमिटेंस को प्रमाणित करने से पहले संबंधित ट्रांज़ैक्शन और सहायक तथ्यों की जांच करें।

नोटिस पाने वाले टैक्सपेयर्स को उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। उन्हें फंड के स्रोत से जुड़े दस्तावेज़, पिछले ITR और संबंधित Form 15CB/CA या Form 145/146 के कागज़ात इकट्ठा करने चाहिए और तय समय-सीमा के भीतर जवाब देना चाहिए।

 

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