Marco Rubio India Visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के तीन दिवसीय भारत दौरे का आज दूसरा दिन है। मंगलवार को मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। अब बुधवार को रुबियो भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख लोगों, निवेशकों और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
रिलायंस से वेनेजुएला के तेल पर होगी बातचीत
रुबियो ने बताया है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वेनेजुएला में तेल उत्पादन को लेकर रिलायंस के साथ बैठक करेगा। इस बातचीत को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका चाहता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल के स्रोतों में और विविधता लाए। इसी कड़ी में वेनेजुएला भारत के लिए संभावित तेल आपूर्तिकर्ता के तौर पर सामने आ रहा है।
भारत को बताया तेल शोधन की महाशक्ति
भारत की ऊर्जा क्षमता पर बात करते हुए रुबियो ने कहा कि भारत तेल शोधन के क्षेत्र में एक महाशक्ति है। उनके मुताबिक भारत के पास भारी कच्चे तेल यानी हेवी क्रूड को रिफाइन करने की क्षमता है और वह पहले भी ऐसा कर चुका है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वेनेजुएला का अधिक तेल वैश्विक बाजार में आएगा, भारत उसका शोधन कर सकता है।
वेनेजुएला में भारत के पास पहले से अधिकार
रुबियो ने यह भी कहा कि भारत के पास वेनेजुएला में पहले से तेल उत्पादन से जुड़ी रियायतें और अधिकार मौजूद हैं। इनके जरिए भारत खुद भी वहां अधिक तेल उत्पादन कर सकता है। उन्होंने वेनेजुएला की संभावनाओं को सकारात्मक बताते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से पैदा होने वाली तेल आपूर्ति की कमी को अकेले वेनेजुएला पूरा नहीं कर सकता, लेकिन समय के साथ वह ऐसा करने में सक्षम हो सकता है और अल्पावधि में भी आपूर्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है।
क्या रूसी तेल का विकल्प बन सकता है वेनेजुएला?
अमेरिका की कोशिश है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला से भी तेल खरीदे। इसी वजह से रिलायंस की वेनेजुएला में तेल शोधन गतिविधियों को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल अमेरिका ने भारत की ओर से रूस से तेल खरीदने के मामले में अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है। रुबियो ने भी भारत के तेल खरीद स्रोतों में विविधता लाने की नीति को समझदारी भरा कदम बताया।
रुबियो बोले- ऊर्जा पोर्टफोलियो में बदलाव जरूरी
रूसी तेल की खरीद को लेकर रुबियो ने कहा कि भारत लगातार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इसे समझदारी बताते हुए कहा कि ऊर्जा स्रोतों में बदलाव एक दिन में करना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक भारत का अलग-अलग स्रोतों से तेल हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना सकारात्मक है।
जयशंकर से बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
रुबियो और एस. जयशंकर के बीच मंगलवार को हुई बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे।
उद्योग जगत के साथ रिश्ते मजबूत करने की तैयारी
भारत दौरे के दूसरे दिन रुबियो की भारतीय कारोबारियों, निवेशकों और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठकें दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं। इन मुलाकातों के जरिए व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों की सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाने के रास्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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