Italy Protests: इटली में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के बाद भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीयों को भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और स्थानीय समाचारों और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
भारतीय दूतावास ने किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए रोम और मिलान स्थित अपने कार्यालयों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। रोम स्थित भारतीय दूतावास से +39 331 614 2085 और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से +39 3881647527 पर संपर्क किया जा सकता है।
मिलान में प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप
इटली के कई शहरों में रविवार को महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन मिलान में हालात बिगड़ गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां तक फेंकीं। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
5 हजार से ज्यादा लोग हुए थे शामिल
वीकेंड के दौरान मिलान में 5,000 से अधिक लोग प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे थे। हिंसा के दौरान कुछ दुकानों में लूटपाट की गई और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। इटली की न्यूज एजेंसी अंसा के अनुसार, पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें करीब 80 प्रतिशत नाबालिग बताए जा रहे हैं। झड़पों में पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
ट्यूरिन और बोलोन्या में भी बढ़ा तनाव
हिंसा का असर केवल मिलान तक सीमित नहीं रहा। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के मुताबिक, ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और शीशे तोड़ने वाले हथौड़े लेकर जाते हुए हिरासत में लिया गया। वहीं, बोलोन्या में संभावित गड़बड़ी को देखते हुए एक रेलवे स्टेशन को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया।
मिलान के मेयर ने जताई चिंता
मिलान के मेयर ग्यूसेपे साला ने हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि दुकानों के टूटे हुए शीशे, लूटपाट और डरे हुए नागरिकों को देखना परेशान करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुनिया के कई शहरों में भी देखने को मिल रही हैं।
मेलोनी ने बुलाई आपात सुरक्षा बैठक
हिंसा की घटनाओं के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोमवार को आपात सुरक्षा बैठक बुलाई। उन्होंने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा, *‘प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों को बर्बाद करना नहीं।’* मेलोनी ने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवियों ने विरोध प्रदर्शनों की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश की।
विपक्ष से भी हिंसा की निंदा करने की अपील
मेलोनी ने विपक्षी दलों से भी हिंसा की स्पष्ट रूप से निंदा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, हिंसा की निंदा करने में हिचकिचाहट को हिंसा के समर्थन के तौर पर देखा जा सकता है।
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