तेलंगाना के खम्मम जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ‘आरोग्य सेतु’ पहल और केंद्र सरकार का नाम लेकर ठगने का एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को केंद्र सरकार का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर कई सरकारी स्कूलों में प्रवेश किया और शिक्षकों को मैग्नेटिक बेल्ट बेची। आरोपी ने दावा किया कि उसे केंद्र सरकार ने ‘आरोग्य सेतु’ योजना के तहत यह बेल्ट बांटने और बेचने के लिए भेजा है। उसने प्रत्येक बेल्ट 300 से 350 रुपये की कीमत पर शिक्षकों को बेची, जिस पर भरोसा करके कई शिक्षकों ने इसे खरीद भी लिया।
तीन बड़े इलाकों के स्कूलों को बनाया निशाना
घटना की जांच के दौरान खम्मम अर्बन मंडल की शिक्षा अधिकारी (MEO) शैलजा ने बताया कि यह फर्जी व्यक्ति खम्मम के तीन प्रमुख इलाकों शांतिनगर, नया बाजार और राजेंद्र नगर के सरकारी स्कूलों में गया था। उसने वहां पदस्थ शिक्षकों को झांसे में लिया कि वह आरोग्य सेतु की तरफ से आया है और केंद्र सरकार के विशेष निर्देश पर स्कूलों में मैग्नेटिक बेल्ट वितरित कर रहा है। सरकारी योजना का नाम सुनकर कई शिक्षकों ने उस पर विश्वास कर लिया और पैसे देकर बेल्ट खरीद ली।
शिक्षा विभाग की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग तुरंत हरकत में आ गया। मंडल शिक्षा अधिकारी शैलजा ने संबंधित स्कूलों के शिक्षकों से सीधा संपर्क कर पूछताछ की, जहां शिक्षकों ने व्यक्ति के आने और बेल्ट बेचे जाने की पुष्टि की। इसके बाद MEO शैलजा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार या ‘आरोग्य सेतु’ की ओर से किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार स्कूलों में जाकर सामान बेचने की कोई अनुमति नहीं दी गई है और न ही ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी लोगों के प्रवेश पर उठे गंभीर सवाल
शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा सरकारी पहचान या आरोग्य सेतु जैसे आधिकारिक नाम का दुरुपयोग करके व्यापार करना पूरी तरह से अवैध है। इस घटना ने सरकारी स्कूलों के सुरक्षा तंत्र, प्रशासनिक निगरानी और परिसर में बाहरी लोगों की बेरोकटोक आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग अब इस मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने में जुट गया है।
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