Azam Khan: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट को 16 नवंबर को मामले की सुनवाई करने को कहा है। इस फैसले के बाद आजम खान को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
CJI सूर्यकांत की पीठ ने की सुनवाई
आजम खान की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में कराने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से सपा नेता को बड़ा झटका लगा है।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में हुई गिरफ्तारी
दरअसल, ED ने शनिवार को आजम खान को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया। अदालत ने उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया था। इसी गिरफ्तारी को आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
426.46 करोड़ रुपये की संपत्तियां हो चुकी हैं कुर्क
ईडी ने आजम खान के खिलाफ यह कार्रवाई रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित संपत्तियों की जांच के तहत की है। इससे पहले एजेंसी ने विश्वविद्यालय की 426.46 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। ईडी के अनुसार, विश्वविद्यालय की संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।
26 FIR के आधार पर शुरू हुई थी जांच
ईडी के मुताबिक, रामपुर के सींगन खेड़ा गांव के जौहर नगर में स्थित विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है। इस ट्रस्ट की स्थापना और संचालन आजम खान करते हैं। वह संस्थान के मानद कुलाधिपति भी हैं।
जांच एजेंसी ने रामपुर के अजीम नगर पुलिस थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित की गई थी। अब इस मामले में आजम खान की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर 16 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
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