उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए होने वाले चुनावों की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य में 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान संपन्न होगा। इस महत्वपूर्ण चुनाव में कुल 14.18 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनके फैसले से मैदान में उतरे 152 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का निर्धारण होगा। चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़े इंतजाम किए हैं।
ऑनलाइन आसानी से पता करें अपना मतदान केंद्र
मतदाताओं को वोट डालने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या भटकने से बचाने के लिए प्रशासन ने डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई है। मतदाता घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपने पोलिंग बूथ और मतदाता सूची में अपनी क्रम संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट [https://ceouttarpradesh.nic.in](https://ceouttarpradesh.nic.in) पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर दिए गए ‘Search your polling station by name for Graduate and Teacher Constituency’ विकल्प पर क्लिक कर मतदाता सारी जानकारी आसानी से देख सकते हैं।
2,697 पोलिंग बूथों पर होगी वोटिंग
निष्पक्ष और सुगम मतदान के लिए पूरे प्रदेश में कुल 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वोट डालने जाते समय मतदाता को अपना फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। पहचान की पुष्टि के लिए कार्ड (आधार कार्ड), ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, और सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों के सेवा पहचान पत्र को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा सांसद, विधायक, पार्षदों के सरकारी कार्ड, विश्वविद्यालय की मूल डिग्री या डिप्लोमा, तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए UDID कार्ड व दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी पूरी तरह मान्य होंगे।
निर्वाचन आयोग की मतदाताओं से विशेष अपील
प्रशासन ने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दिन किसी भी प्रकार की कतार या भ्रम से बचने के लिए तय समय से पहले ही आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने मतदान केंद्र और मतदाता सूची की पूरी जानकारी पुख्ता कर लें। कुल 11 सीटों पर हो रहे इस कड़े मुकाबले को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।
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