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‘Red Line’ लांघने की फिराक में रूस? ब्रिटेन ने खींची लक्ष्मण रेखा, दिया महा-युद्ध का अल्टीमेटम!

Russia-UK Tensions: ब्रिटेन के सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन ने सितंबर 2026 में देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ब्रिटेन ऐसे दौर से गुजर रहा है जो उनके 35 साल के सैन्य करियर में सबसे खतरनाक है। रूस की सैन्य गतिविधियों और ब्रिटेन-NATO की सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने लंबे और ज्यादा मुश्किल संघर्षों के लिए तैयार रहने की जरूरत बताई है।

मेरे जीवन का खतरनाक समय- नाइटन

BBC Radio 4 के ‘Today’ कार्यक्रम में बोलते हुए नाइटन ने कहा, “यह मेरे कामकाजी जीवन का सबसे खतरनाक समय है। मेरे 35 साल के करियर में, यह सबसे खतरनाक दौर है जिसे मैंने देखा है। और इस देश के लिए जोखिम और खतरे शीत युद्ध के बाद से अब तक के सबसे ज़्यादा हैं।”

अब छोटे युद्धों की तैयारी काफी नहीं

नाइटन के मुताबिक पिछले दो दशकों में ब्रिटिश सेना की योजना मुख्य रूप से ऐसे संघर्षों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी जो अपेक्षाकृत छोटे और सीमित भौगोलिक क्षेत्र में होते थे। लेकिन यूक्रेन युद्ध ने भविष्य के संघर्षों के संभावित पैमाने और लंबाई को बदलकर दिखा दिया है। उन्होंने कहा, “पिछले दो दशकों में, हम छोटी लड़ाइयों और सीमित संघर्षों के लिए तैयारी कर रहे हैं। हमें जिस चीज के लिए तैयार होने की जरूरत है, वह संभावित रूप से बहुत बड़े और लंबे संघर्ष हैं, जैसा कि हमने यूक्रेन में देखा है।”

राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में बदलाव की जरूरत

नाइटन ने साफ किया कि बदलते सुरक्षा माहौल का असर केवल ब्रिटिश सेना तक सीमित नहीं रहेगा। उनके अनुसार पूरे समाज को खतरे की प्रकृति को समझना होगा और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा, “यह जरुरी है कि समाज और हम सभी इसे पहचानें और समझें, और इसका मतलब यह हो सकता है कि हमें अलग-अलग विकल्प चुनने और अलग-अलग प्राथमिकताएं तय करने की जरूरत है।”

ड्रोन और AI जैसी तकनीक पर जोर

ब्रिटेन की Strategic Defence Review को नाइटन ने युद्ध की तैयारी का बताया है। उन्होंने ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों को भविष्य के युद्ध में तेजी से महत्वपूर्ण होने वाली तकनीक बताया। उनके मुताबिक ऐसी प्रणालियां भविष्य के युद्ध में तेज़ी से महत्वपूर्ण होती जाएंगी और ब्रिटेन को ज्यादा निवेश करने और अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। यूक्रेन में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सेंसर के इस्तेमाल से मिली सीख को ब्रिटेन अपनी रक्षा क्षमता में शामिल करने पर भी जोर दे रहा है।

ब्रिटेन के आसपास रूसी गतिविधियां बढ़ीं

नाइटन ने कहा कि रूस लगातार NATO और ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने रूस की लंबी दूरी की हवाई गतिविधियों का भी जिक्र किया और कहा, “रूस हमारी सुरक्षा व्यवस्था को परख रहा है, चुनौती दे रहा है और उसकी परीक्षा ले रहा है। हमने रूस की लंबी दूरी की हवाई गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी है। ये ऐसे रणनीतिक विमान हैं जो हमारे हवाई क्षेत्र में काफी अंदर तक आ सकते हैं। 2025 की तरह ही 2026 में भी हमने इनकी इतनी ही संख्या देखी है।”

खतरा सिर्फ पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं

नाइटन के अनुसार रूस की गतिविधियां केवल सैन्य विमानों या पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं हैं। इसमें साइबर हमले, तकनीक की तस्करी की कोशिशें और तोड़फोड़ व हत्या के प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “रूस निश्चित रूप से दांव बढ़ा रहा है और एक ऐसी सीमा पार करने के जोखिम में है जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए।”

यूक्रेन युद्ध से सामने आई बड़ी सीख

सितंबर में नाइटन ने यूक्रेन युद्ध के नुकसान का भी आकलन शेयर किया। AP के मुताबिक उन्होंने बताया कि फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से 5 लाख से अधिक रूसी सैनिक मारे गए हैं और कुल रूसी सैन्य हताहतों की संख्या करीब 15 लाख है। उनके अनुसार रूस ने 10 हजार से अधिक बख्तरबंद और सुरक्षित वाहन, करीब 3 हजार एयर डिफेंस और आर्टिलरी सिस्टम और 370 से ज्यादा विमान और हेलीकॉप्टर भी गंवाए हैं। रूस की ओर से इन आंकड़ों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।

सहयोगियों के साथ बढ़ानी होगी सैन्य तैयारी

नाइटन का कहना है कि ब्रिटेन को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सैन्य क्षमता और तैयारी बढ़ानी होगी, ताकि किसी संकट के गंभीर रूप लेने से पहले ही प्रतिरोध मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा, “इसलिए, यह जरूरी है कि हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपने सशस्त्र बलों की क्षमता और तैयारी को बढ़ाएं, ताकि हमारे विरोधी कोई बेवकूफी भरी हरकत करने से बाज आएं।”

ब्रिटेन के सामने सिर्फ बजट बढ़ाने की चुनौती नहीं

नाइटन की सितंबर की चेतावनियों का मतलब यह है कि ब्रिटेन के लिए चुनौती केवल रक्षा पर ज्यादा पैसा खर्च करना नहीं है। असली सवाल यह भी है कि बढ़े हुए निवेश को कितनी तेजी से ऐसी सैन्य क्षमता में बदला जा सकता है जिसे जरूरत पड़ने पर जमीन, समुद्र और हवा में तैनात किया जा सके। इसी के साथ ब्रिटेन अब ड्रोन, स्वायत्त तकनीक, साइबर सुरक्षा और लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के लिए अपनी तैयारियों पर ज्यादा जोर दे रहा है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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