जालंधर पुलिस ने पंजाब के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, जो अमेरिका के फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (FBI) द्वारा लगभग 600,000 अमेरिकी डॉलर के धोखाधड़ी मामले में वांछित था।
🚨 BIG SUCCESS FOR COMMISSIONERATE POLICE JALANDHAR 🚨
Commissionerate Police Jalandhar has successfully apprehended a fugitive wanted by the U.S. Federal Bureau of Investigation (FBI) in a fraud case related to U.S. benefits fraud.
The accused was wanted by the American agency… pic.twitter.com/1wyiQbyQSy
— Commissionerate Police Jalandhar (@CPJalandhar) September 4, 2026
आरोपी मंजीत सिंह बेदी को तब गिरफ़्तार किया गया जब पुलिस को उसके ठिकाने के बारे में पक्की जानकारी मिली और उसे पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। जालंधर पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के अनुसार, टीम ने बेदी को यात्रा के दौरान रोका और हिरासत में ले लिया।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि बेदी अमेरिका में ‘सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम’ से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामले में FBI की वांछित सूची में शामिल था।
वाशिंगटन में कथित SNAP धोखाधड़ी
जालंधर पुलिस कमिश्नर के अनुसार, बेदी कथित तौर पर वाशिंगटन के टैकोमा में एक एशियाई किराने की दुकान चलाता था, जहाँ ग्राहक SNAP लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा जारी ‘इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर’ (EBT) कार्ड का उपयोग करते थे।
पुलिस ने कहा कि कथित धोखाधड़ी की गतिविधि 2024 और 2025 के बीच हुई और इसमें लगभग 600,000 अमेरिकी डॉलर शामिल थे। भारत में अधिकारी अब अमेरिकी एजेंसियों से मिली जानकारी की पुष्टि कर रहे हैं, जिसमें बेदी की कथित संलिप्तता और उसके वांछित व्यक्ति होने की स्थिति शामिल है।
खबरों के अनुसार, FBI ने 21 मई को अमेरिकी ज़िला अदालत के माध्यम से बेदी के ख़िलाफ़ संघीय गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था, क्योंकि उस पर अपनी निगरानी (supervision) की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप था।
पुलिस ने आगे कहा कि बेदी को कथित तौर पर अपना पासपोर्ट और अन्य सामग्री अमेरिकी अधिकारियों को सौंपने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहा। इसके बाद वह अमेरिका छोड़कर भारत लौट आया। FBI ने उसकी गिरफ़्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए इनाम की पेशकश भी की थी।
स्थानीय धोखाधड़ी मामले के बाद गिरफ़्तारी
यह घटनाक्रम तब हुआ जब जालंधर पुलिस ने 16 अगस्त, 2026 को शहर के एक पुलिस स्टेशन में एक अलग मामला दर्ज किया। जाँच के दौरान, अधिकारियों को बेदी के बारे में जानकारी मिली और उसे खोजने के लिए एक अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस टीम ने आखिरकार उसे खोज निकाला और यात्रा के दौरान गिरफ़्तार कर लिया।
भारतीय मामला ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की धारा 316(2) और 318(4) के तहत दर्ज किया गया है, जो क्रमशः आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। पुलिस ने ‘पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल्स रेगुलेशन एक्ट’ की धारा 13 भी लागू की है। आगे की जांच जारी है
अधिकारियों ने बताया कि कथित वित्तीय धोखाधड़ी के पूरे दायरे, भारत लौटने के बाद बेदी की गतिविधियों और अमेरिका वाले मामले से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है। पुलिस, अमेरिका में हुई धोखाधड़ी में बेदी की कथित भूमिका और वहां उसके ‘वॉन्टेड’ होने के बारे में अधिकारियों से मिली जानकारी की पुष्टि करने के लिए भी तालमेल बिठा रही है।
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