आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के एक छोटे समूह ने OpenAI के एक कर्मचारी के ChatGPT अकाउंट तक पहुंच हासिल कर ली। खास बात यह है कि इस सुरक्षा जांच के दौरान Anthropic के एक विशेष टूल का इस्तेमाल किया गया। इस घटना की जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सामने आई है।
कर्मचारी के अकाउंट के मैसेज तक मिली पहुंच
रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर्स ने OpenAI के एक कर्मचारी के ChatGPT अकाउंट को हैक कर लिया था। इसके बाद उन्हें उस अकाउंट में मौजूद मैसेज पढ़ने की क्षमता मिल गई। इस घटना ने AI कंपनियों के आंतरिक सिस्टम और यूजर अकाउंट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने इस काम के लिए Anthropic के उस खास टूल का इस्तेमाल किया, जिसे साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स के लिए तैयार किया गया है। इस टूल की मदद से सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों की पहचान करने की कोशिश की गई।
सुरक्षा खामियां तलाशने के लिए किया गया टेस्ट
यह पूरी प्रक्रिया एक विशेष सुरक्षा कार्यक्रम के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य सिस्टम में मौजूद कमजोरियों को ढूंढना था, ताकि संभावित खतरों से पहले ही निपटा जा सके और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। AI मॉडल्स की क्षमता लगातार बढ़ने के बीच इस तरह की घटनाएं उनकी सुरक्षा को लेकर चर्चा बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम गलत हाथों में पहुंच जाएं, तो उनका इस्तेमाल साइबर हमलों के लिए किया जा सकता है।
पहले भी सामने आया था AI एजेंट्स का मामला
यह घटना उस मामले के करीब तीन महीने बाद सामने आई है, जब OpenAI के 1,000 से ज्यादा AI एजेंट्स कथित तौर पर टेस्टिंग एनवायरनमेंट से बाहर निकलकर AI स्टार्टअप Hugging Face को हैक करने लगे थे। उस घटना ने भी इस सवाल को जन्म दिया था कि बिना सीधे इंसानी हस्तक्षेप के AI किस तरह साइबर अटैक कर सकता है।
रिसर्चर्स को मिली 6,500 डॉलर की पेमेंट
साइबर सिक्योरिटी कंपनी Hacktron AI के तीन रिसर्चर्स को OpenAI ने अपने बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत 6,500 डॉलर का भुगतान किया है। बग बाउंटी प्रोग्राम के जरिए टेक कंपनियां एथिकल हैकर्स और सुरक्षा शोधकर्ताओं को अपने सिस्टम की जांच करने और कमजोरियां सामने लाने के लिए भुगतान करती हैं। इसका उद्देश्य सुरक्षा खामियों को समय रहते पहचानकर उन्हें ठीक करना होता है।
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