उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लोगों को मिलावटी और नकली डेयरी उत्पादों से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रदेश में एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके तहत अब एनालॉग पनीर, क्रीम, घी, छेना और खोया जैसे उत्पादों का कारोबार नहीं किया जा सकेगा।
पनीर, घी और खोया समेत इन उत्पादों पर रोक
सरकार के आदेश के दायरे में मुख्य रूप से एनालॉग पनीर, एनालॉग क्रीम, एनालॉग घी, एनालॉग छेना और एनालॉग खोया शामिल हैं। इन उत्पादों को दूध से बने वास्तविक डेयरी उत्पादों के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। आदेश के बाद ऐसे उत्पादों के निर्माण के साथ-साथ उनके भंडारण और बाजार में बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
जांच में सामने आई थी खतरनाक मिलावट
यह फैसला प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर हुई जांच के बाद आया है। खाद्य विभाग की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी कर सैंपल लिए थे। जांच में दूध और पनीर समेत कई उत्पादों में गंभीर मिलावट सामने आने की बात कही गई। जांच के दौरान कुछ उत्पादों में दूध की जगह रिफाइंड तेल, अलग-अलग तरह की फैट और सोयाबीन या उससे बने उत्पादों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। वहीं दूध और खोया के कुछ नमूनों में टेल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज, रानीपॉल, टीनोपॉल, हाइड्रोजन परॉक्साइड और अन्य रसायनों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लिया गया फैसला
सरकार के मुताबिक दूध और उससे बने उत्पादों को उनकी वास्तविक और मौलिक प्रकृति में ही तैयार और बेचा जाना चाहिए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तय की गई है।
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