Saharanpur Bulldozer Action on Mosque: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को शुक्रवार को प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई कर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिला अदालत के आदेश के बाद की गई। मुस्लिम पक्ष की ओर से निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी, लेकिन अपील खारिज होने के बाद प्रशासन ने मस्जिद हटाने की कार्रवाई शुरू की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान मौके पर एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कलेक्ट्रेट परिसर के गेट बंद कर दिए गए थे, ताकि बाहर से किसी असामाजिक तत्व के प्रवेश को रोका जा सके। संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया।
जिला अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई
मस्जिद को हटाने की कार्रवाई जिला अदालत के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें मुस्लिम पक्ष की चुनौती पर सुनवाई की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए तर्कों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद माना कि संबंधित संपत्ति पर ‘प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991’ का प्रभाव नहीं है। इसके बाद मस्जिद को हटाने का आदेश प्रभावी हुआ।
बजरंग दल नेता की शिकायत से शुरू हुआ मामला
यह मामला बजरंग दल नेता विकास त्यागी की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किया गया है। शिकायतकर्ता ने परिसर को अति संवेदनशील बताते हुए कहा था कि यहां गोपनीय और अहम सरकारी काम होते हैं।
मस्जिद पर व्यावसायिक गतिविधियों के आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि परिसर का इस्तेमाल केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं बल्कि व्यावसायिक लाभ के लिए भी किया जा रहा था। आरोप के मुताबिक, मस्जिद में एक डाकघर संचालित हो रहा था और बाहरी लोगों को कमरे किराए पर दिए गए थे। इन कमरों का किराया मस्जिद कमेटी द्वारा वसूले जाने की बात भी शिकायत में कही गई थी।
सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर जताई गई चिंता
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाहरी लोगों का दिन-रात बेरोक-टोक आना-जाना जिलाधिकारी कार्यालय की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। इसी मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
24 मार्च 2025 को दर्ज हुआ वाद
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 24 मार्च 2025 को नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय में पीपी एक्ट के तहत वाद दायर किया था। नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने 16 जुलाई 2026 को अपने आदेश में मस्जिद को अवैध मानते हुए बेदखली का आदेश दिया था। साथ ही करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति भी लगाई गई थी और ध्वस्तीकरण के निर्देश जारी किए गए थे।
22 जुलाई को मुस्लिम पक्ष ने दी थी चुनौती
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने 22 जुलाई 2026 को जिला न्यायालय में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से रखे गए तर्कों और साक्ष्यों की समीक्षा की गई। इसके बाद जिला अदालत ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दाखिल चुनौती को खारिज कर दिया और मस्जिद हटाने का रास्ता साफ हो गया।
शहर में फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण
फैसले के बाद मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। शुक्रवार सुबह बुलडोजर के जरिए मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखते हुए आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल सहारनपुर शहर में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है।
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