भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताज़ा अपडेट में नवंबर की शुरुआत में देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मौसम विशेषज्ञों ने सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। अंडमान सागर के ऊपर बने एक सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से यह स्थिति बन रही है। आईएमडी ने अचानक होने वाली मूसलाधार बारिश के चलते जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताते हुए किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
अंडमान सागर में बना लो-प्रेशर एरिया
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बना हुआ है। यह मौसमी प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और जल्द ही एक गहरे अवदाव (डिप्रेशन) में तब्दील हो सकती है। समुद्र में विकसित होने वाले ऐसे सिस्टम तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का कारण बनते हैं। मौसम वैज्ञानिक इस सिस्टम की गति और दिशा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसके डिप्रेशन में बदलने पर आसपास के तटीय क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों में भारी वृद्धि देखी जाएगी।
तटीय आंध्र प्रदेश में 2 से 3 नवंबर के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट
इस लो-प्रेशर एरिया के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश में 2 और 3 नवंबर 2026 को अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने, नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। इसके मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। स्थानीय जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने और राहत व बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में धान की कटाई का सीजन होने के कारण इस बेमौसम बारिश से खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का परामर्श दिया गया है। उधर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और नदियों-नालों में उफान का खतरा बना हुआ है।
नवंबर की शुरुआत में बदला मौसम का मिजाज
नवंबर के पहले सप्ताह में आमतौर पर उत्तर भारत में ठंड की शुरुआत होने लगती है, लेकिन इस बार सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश का सिलसिला बना हुआ है। आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम से बचने के लिए केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करें और अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें।
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