उत्तर प्रदेश में कानपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने जा रही है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) कानपुर नगर और कानपुर देहात के 80 गांवों की करीब 45 हजार एकड़ जमीन पर एक नया और आधुनिक शहर बसाने की तैयारी में जुटा है। इस महत्त्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रेटर नोएडा और मुंबई की तर्ज पर ऊंची इमारतों का निर्माण किया जाएगा। केडीए का मुख्य लक्ष्य लगभग 50 हजार लोगों को आधुनिक आवास मुहैया कराने के साथ-साथ रोजगार और कारोबार के अवसर एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
5 तहसीलों के 80 गांवों का हुआ चयन
इस महायोजना के दायरे में दो जिलों की पांच तहसीलों को शामिल किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा बिल्हौर के 38 गांव शामिल हैं। इसके अलावा नर्वल के 17, मैथा के 13, अकबरपुर के 10 और कानपुर सदर के दो गांवों की जमीन पर यह विकास कार्य किया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि इस कदम से कानपुर के बढ़ते शहरी विस्तार को एक सुव्यवस्थित और नई दिशा मिलेगी, जिससे आसपास के इलाकों में रोजगार के नए साधन बनेंगे।
घर के साथ स्कूल, अस्पताल और पिकनिक स्पॉट की सुविधा
केडीए केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके को सर्वसुविधायुक्त बनाने का खाका खींचा जा रहा है। योजना के अनुसार, इस नए शहर में रिहाइशी इलाकों के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र अलग से तय किए जाएंगे। निवासियों के लिए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा पार्क, ग्रीन बेल्ट, पिकनिक स्पॉट, कन्वेंशन सेंटर और कचरा प्रबंधन की आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
सर्वे और लैंड पूलिंग के जरिए आगे बढ़ेगा काम
योजना को धरातल पर उतारने के लिए केडीए नया मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार कर रहा है। निर्माण शुरू करने से पहले एक विस्तृत सर्वे किया जाएगा, ताकि यह जाना जा सके कि लोग किस तरह के फ्लैट या मकान चाहते हैं। प्राधिकरण के सामने निजी जमीनों को व्यवस्थित करने की चुनौती भी है, जिसके समाधान के लिए लैंड पूलिंग या भूमि अधिग्रहण जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जोनल प्लान और सर्वे पूरा होने के बाद विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
READ MORE: सलमान खान ने शुरू किया अपना YouTube चैनल, कहा- ‘शुरू से शुरू करते हैं’

