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एशियाई पैरा खेल 2026: एथलेटिक्स के पहले ही दिन छाए भारतीय एथलीट, 3 स्वर्ण समेत झटके 6 पदक

आईची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले ही दिन भारतीय एथलीटों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है। सोमवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में खेलते हुए भारत ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 6 पदक अपने नाम किए। मेजबान जापान ने एथलेटिक्स के पहले दिन 3 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर कुल 8 पदकों के साथ अपनी तालिका मजबूत की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों का जलवा पूरी प्रतियोगिता में छाया रहा।

निषाद कुमार ने पहली ही बार में जीता स्वर्णिम छलांग

पुरुषों की लंबी कूद T47 स्पर्धा में निषाद कुमार ने भारत के लिए एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक जीता। 27 वर्षीय निषाद ने अपने तीसरे और पांचवें दोनों प्रयासों में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता और पिछले एशियाई पैरा खेलों के ऊंची कूद स्वर्ण विजेता निषाद पहली बार लंबी कूद स्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे। इस स्पर्धा में उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने 6.99 मीटर के साथ रजत और श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने 6.55 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। टी47 वर्ग में ऊपरी अंगों की अक्षमता वाले एथलीट भाग लेते हैं।

1500 मीटर दौड़ में सौम्या का सोना और राधा का रजत

दृष्टिबाधित धाविकाओं की 1500 मीटर T12-T13 स्पर्धा में भारत ने दोहरा कब्जा जमाया। सौम्या ने अपने गाइड कुमार भरत के साथ 5 मिनट 12.39 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, उनकी हमवतन राधा वेंकटेश ने अपने गाइड गोविंद सोलंकी के साथ 5 मिनट 30.90 सेकेंड का समय दर्ज कर रजत पदक अपने नाम किया। जापान की माना सासाकी इस दौड़ में तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा, पूरी तरह दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के T11 वर्ग में भारत की रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रही रक्षिता राजू को कपड़ों, जूतों या बिब नंबर से जुड़े तकनीकी नियमों के उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया।

भाला फेंक F46 में रिंकू और अजीत का दबदबा

पुरुषों की भाला फेंक F46 स्पर्धा में भारतीय एथलीटों का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला। रिंकू ने 65.11 मीटर के थ्रो के साथ देश को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने अपने ही देश के अजीत सिंह को महज 9 सेंटीमीटर के अंतर से पछाड़ दिया, जिन्होंने 65.02 मीटर का थ्रो कर रजत पदक जीता। तीन खिलाड़ियों की इस प्रतियोगिता में इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। F46 वर्ग उन एथलीटों के लिए होता है जिनकी कोहनी के ऊपर या नीचे की बांह में अक्षमता होती है।

 

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