केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने विपक्षी गठबंधन INDIA की रामलीला मैदान में आयोजित रैली को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र की आड़ में देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। नड्डा ने रैली को उन नेताओं का सुनियोजित राजनीतिक प्रदर्शन बताया, जिन्हें जनता चुनावों में नकार चुकी है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की राजनीति का उद्देश्य देश में अव्यवस्था पैदा करना और चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करना है।
राहुल गांधी की राजनीति को लेकर नड्डा ने लगाए आरोप
जेपी नड्डा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीति के चार चरण बताए। उनके मुताबिक, पहले झूठ और अफवाहें फैलाई जाती हैं, फिर लोगों को सड़कों पर अव्यवस्था पैदा करने के लिए उकसाया जाता है। इसके बाद देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जाती है।
नड्डा ने 1 नवंबर की रैली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की इस गतिविधि के चार कथित मकसद हैं। इनमें सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, दिल्ली में अराजकता फैलाना, त्योहारी सीजन में व्यापारियों की कमाई प्रभावित करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना शामिल है। हालांकि, ये आरोप नड्डा ने विपक्ष पर लगाए हैं।
त्योहारी सीजन में कारोबार प्रभावित होने का दावा
भाजपा नेता ने कहा कि धनतेरस, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और व्यापारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद रहती है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में बड़े राजनीतिक आयोजनों से दिल्ली का कारोबार प्रभावित हो सकता है और छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। नड्डा ने दावा किया कि चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी से कई बार संपर्क कर त्योहारी सीजन में बड़ी भीड़ के साथ दिल्ली नहीं आने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अपीलों के बावजूद रैली आयोजित की गई, जिससे कारोबारियों का कामकाज प्रभावित हुआ। नड्डा ने कहा कि विपक्ष को छोटे व्यापारियों की आर्थिक परेशानियों की चिंता नहीं है।
कांग्रेस पर देश की छवि खराब करने का आरोप
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर विदेश में भारत की आलोचना करने और देश लौटकर लोकतंत्र तथा अर्थव्यवस्था पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता अब विपक्ष की राजनीति को समझ चुकी है और अराजकता फैलाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करेगी। नड्डा ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और देश संविधान तथा जनता के जनादेश के आधार पर चलेगा, न कि दंगों या हिंसा की राजनीति से। उन्होंने विपक्षी गठबंधन की रैली को कांग्रेस के राजनीतिक पतन का संकेत बताते हुए दावा किया कि इस तरह की राजनीति से विपक्ष को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।
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