रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय सेना के जवानों के लिए ‘भारत राइस’ योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी की उपस्थिति में भारतीय सेना और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बीच पांच वर्षों के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस नई व्यवस्था के तहत उच्च गुणवत्ता वाला यह चावल सीधे सेना के आपूर्ति डिपो तक पहुंचाया जाएगा, जिससे जवानों को अब FCI के गोदामों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
‘जय जवान-जय किसान’ की भावना और गुणवत्ता के मानक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह योजना सीधे किसान के खेत से जवान की थाली तक खाद्यान्न पहुंचाकर ‘जय जवान, जय किसान’ की भावना को साकार करती है। आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशालय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत धान की कुटाई विशेष रूप से रक्षा मानकों के अनुसार की जाएगी, जिसमें प्रति 5 किलो चावल में महज 5 प्रतिशत टूटे चावल ही होंगे। वर्ष 2026-2027 के दौरान एनएएफईडी (NAFED) के माध्यम से इसकी आपूर्ति की जाएगी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वितरण से पहले सख्त जांच होगी।
अग्रिम चौकियों के लिए आसान परिवहन और पैकिंग
दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में तैनात जवानों तक राशन पहुंचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। इसे आसान बनाने के लिए भारत राइस को 10 किलोग्राम और 30 किलोग्राम के विशेष थैलों में पैक किया जाएगा, ताकि अग्रिम चौकियों तक इनका परिवहन सुगम हो सके। यह पूरी पहल सेना, एफसीआई, नैफेड और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच लगभग 18 महीनों के निरंतर समन्वय और संयुक्त प्रयासों के बाद संभव हो पाई है।
सैनिकों का कल्याण राष्ट्रीय सुरक्षा का अटूट हिस्सा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि सैनिकों की युद्धक तैयारी केवल आधुनिक हथियारों पर निर्भर नहीं होती, बल्कि उनके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिरता और मनोबल पर भी टिकी होती है। उन्होंने सैनिकों के कल्याण और पौष्टिक भोजन को राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बताया। वहीं, मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश के रक्षकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनके विभाग के लिए बेहद गर्व और सम्मान का विषय है।
गरीबों के लिए शुरू हुई योजना अब सेना की ढाल
‘भारत राइस’ योजना मूल रूप से वर्ष 2024 में मध्यम वर्गीय और गरीब उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई थी, जिसके तहत 5 से 10 किलो के पैक बनाकर कम दामों पर खुदरा बिक्री की जाती रही है। इससे पहले सरकार ‘भारत आटा’ और ‘भारत दाल’ योजनाएं भी सफलतापूर्वक चला चुकी है। सेना के लिए किए गए अन्य हालिया सुधारों में अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त राशन, तीनों सेनाओं में राशन का समान स्तर और जैविक राशन (Organic Ration) शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव शामिल हैं।
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