iPhone Blast: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में iPhone में हुए विस्फोट के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने Apple India Private Limited और स्थानीय विक्रेता के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने पीड़ित को नया iPhone देने या फोन की मूल कीमत 29,500 रुपये 10 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा इलाज में खर्च हुए 36,139 रुपये और 5,000 रुपये वाद व्यय के तौर पर देने को कहा गया है।
29,500 रुपये में खरीदा था iPhone
धनीपुर, जीटी रोड, अलीगढ़ निवासी प्रेमराज सिंह ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 14 अगस्त 2020 को अलीगढ़ के रेलवे रोड स्थित ‘बिट्टू भाईजी इलेक्ट्रॉनिक्स’ से 29,500 रुपये में iPhone खरीदा था। प्रेमराज का आरोप था कि फोन में गंभीर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट यानी तकनीकी खराबी थी, जिसकी वजह से मोबाइल अचानक फट गया और वह गंभीर रूप से झुलसकर घायल हो गए।
ब्लास्ट में शादी की यादें भी हुईं खराब
पीड़ित के मुताबिक, फोन में हुए विस्फोट के कारण उसमें मौजूद उनकी शादी से जुड़े महत्वपूर्ण फोटो और वीडियो भी हमेशा के लिए डैमेज हो गए। उन्होंने आयोग से नया फोन, इलाज का खर्च और शादी का कार्यक्रम दोबारा आयोजित करने के लिए 51 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी।
7 दिन अस्पताल में रहे प्रेमराज
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की बेंच ने दस्तावेजों और उपलब्ध सबूतों की जांच की। रिकॉर्ड के अनुसार, मोबाइल फटने से प्रेमराज को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें 13 अगस्त 2023 से 20 अगस्त 2023 तक अलीगढ़ के वरुण अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, जहां इलाज पर कुल 36,139 रुपये खर्च हुए।
आयोग ने सेवा में कमी मानी
आयोग ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि विपक्षी कंपनियों की ओर से शिकायत का कोई खंडन पेश नहीं किया गया। आयोग के मुताबिक, इससे यह साबित होता है कि मोबाइल सेट खराब था और सेवा में स्पष्ट कमी रही।
45 दिन में आदेश का पालन करना होगा
आयोग ने Apple India और दुकानदार को संयुक्त रूप से आदेश का पालन करने के लिए 45 दिन की समयसीमा दी है। इस अवधि में पीड़ित को नया iPhone दिया जाना चाहिए या 29,500 रुपये की मूल राशि 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करनी होगी। इसके साथ 36,139 रुपये इलाज के खर्च और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में देने होंगे।
आदेश नहीं माना तो होगी कार्रवाई
अगर 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो Apple India और विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा-72 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयोग का यह फैसला खराब उत्पाद और उपभोक्ता सेवा में कमी के मामलों में कंपनियों और विक्रेताओं की जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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