वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म ‘कोहलबर्ग क्राविस रॉबर्ट्स एंड कंपनी’ (KKR) की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का पड़ाव सफलता पूर्वक पार कर चुका है और अगले एक दशक में इसके दोगुना होकर 8 ट्रिलियन डॉलर से अधिक पहुंचने का पूरा रास्ता साफ दिख रहा है। फर्म का मानना है कि बीते एक दशक में भारत में हुए ढांचागत बदलावों, डिजिटलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व निवेश ने देश की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है, जिससे भारत 10 से 11 फीसदी की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ दर्ज करने में सक्षम है।
ऐतिहासिक सुधारों से मजबूत हुई देश की नींव
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 के बाद देश में लागू किए गए बड़े सुधारों का असर अब अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव के रूप में सामने आ रहा है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और श्रम बाजार के औपचारिकीकरण जैसे ठोस फैसलों ने भारतीय कारोबार में जोखिमों को कम किया है। केकेआर का कहना है कि ऐसे बुनियादी सुधारों का लाभ किसी एक तिमाही तक सीमित न रहकर सालों-साल दिखाई देता है और पहले से लागू इन सुधारों का पूरा फायदा मिलने से भारत की विकास यात्रा आगे भी तेज गति से जारी रहेगी।
घरेलू खपत और इंफ्रास्ट्रक्चर बने विकास का सहारा
देश की बढ़ती आय और घरेलू खपत को लंबे समय तक भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाली सबसे बड़ी ताकत माना गया है। लोगों की जेब में पैसा आने से बाजार में सामान और सेवाओं की मांग लगातार बनी हुई है। इसके साथ ही सड़क, रेलवे, बंदरगाहों, एयरपोर्ट्स और डिजिटल नेटवर्क में हो रहा भारी निवेश व्यापार की लागत और समय दोनों को घटा रहा है। यद्यपि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने से छोटी अवधि में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन सरकार की बेहतर नीतियों ने आम परिवारों पर इसका सीधा बोझ नहीं पड़ने दिया है।
सर्विसेज सेक्टर और एआई संभालेंगे आर्थिक कमान
भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि में आधी से ज्यादा हिस्सेदारी अकेले सर्विसेज सेक्टर निभा रहा है। आईटी सेवाओं के अलावा अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स भी देश की आर्थिक रफ्तार को नई ताकत दे रहे हैं। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक सेवा क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखेगी। केकेआर ने स्पष्ट निष्कर्ष दिया है कि कच्चे तेल जैसी अस्थाई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का दीर्घकालिक आर्थिक परिदृश्य बेहद उज्ज्वल और मजबूत बना हुआ है।
READ MORE: UP Police में 470 खिलाड़ियों को मिलेगी नौकरी, CM योगी सौंपेंगे नियुक्ति पत्र

