HomeBreaking News27 लाख देकर बना फर्जी IAS अफसर, पैसे भी डूबे और हाथ...

27 लाख देकर बना फर्जी IAS अफसर, पैसे भी डूबे और हाथ में लगी हथकड़ी

सरकारी नौकरी पाने की बेताबी में ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला गोवा से सामने आया है। यहाँ एक शख्स ने ‘अतिरिक्त आबकारी आयुक्त’ बनने के चक्कर में एक बिचौलिए को 27 लाख रुपये लुटा दिए। फर्जी नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही वह सीधे गोवा के एक्साइज डिपार्टमेंट पहुंच गया और आईएएस अफसर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। हालाँकि, दफ्तर के कर्मचारियों की सतर्कता से कुछ ही देर में उसका यह ड्रामा खत्म हो गया और उसे सीधे जेल जाना पड़ा।

फर्जी लेटर दिखाकर सीधा आईएएस की कुर्सी पर बैठा

पूरी घटना गोवा के पणजी स्थित आबकारी विभाग की है। आरोपी मनोज तालेकर फर्जी जॉइनिंग लेटर लेकर सीधे विभाग के दफ्तर जा पहुंचा। हाल ही में एक आईएएस अफसर के ट्रांसफर के बाद अतिरिक्त आबकारी आयुक्त का पद खाली हुआ था। मनोज ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दफ्तर के कर्मचारियों को फर्जी लेटर दिखाया, जिस पर आबकारी आयुक्त के जाली हस्ताक्षर थे, और अफसर की खाली कुर्सी पर जाकर बैठ गया।

कर्मचारियों को हुआ शक तो पुलिस बुलाई गई

अचानक हुई इस अनधिकृत नियुक्ति से दफ्तर के कर्मचारियों को मामला संदिग्ध लगा। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर दस्तावेज की पड़ताल की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार की तरफ से ऐसा कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ है। सच्चाई सामने आते ही विभाग ने पणजी पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मनोज को हिरासत में लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

27 लाख रुपये ऐंठने वाले एजेंट की तलाश जारी

पुलिस जांच में सामने आया है कि मनोज तालेकर को अजीत शंखवलकर नाम के एक शातिर एजेंट ने सरकारी नौकरी का झांसा दिया था। एजेंट ने 27 लाख रुपये लेकर फर्जी दस्तखत वाला जाली अप्वाइंटमेंट लेटर सौंपा था। फिलहाल पुलिस आरोपी एजेंट अजीत शंखवलकर की तलाश में जुट गई है, जो इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार है।

सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े से ऐसे बचें

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नौकरी के नाम पर ठगों का जाल कितना गहरा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी एजेंट या बिचौलिया पैसे लेकर सरकारी नौकरी नहीं दिला सकता। सरकारी नौकरियों में चयन केवल आयोगों द्वारा आयोजित पारदर्शी परीक्षाओं के जरिए होता है। अभ्यर्थियों को किसी भी नियुक्ति पत्र की जांच विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर करनी चाहिए और फर्जी दावों से सतर्क रहना चाहिए।

 

READ MORE: गौरव यादव बने पंजाब के नियमित DGP, CM मान ने दी बधाई

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments