Pakistan-Taliban Tension: पाकिस्तान में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने इस्लामाबाद को कड़ी चेतावनी दी है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकी हमलों का हवाला देकर अफगानिस्तान के भीतर सैन्य कार्रवाई करता है, तो तालिबान अपनी संप्रभुता और जमीन की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि अफगान क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
आर्टिकल 51 का इस्तेमाल किया तो होगा जवाब
जबीहुल्लाह मुजाहिद ने Al अरबिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर पाकिस्तान आर्टिकल 51 का इस्तेमाल करके अफगानिस्तान की जमीन पर हमला करता है, तो अफगानिस्तान को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने साफ किया कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार नहीं करेगा। इसका मतलब है कि अगर पाकिस्तान किसी बड़े आतंकी हमले के पीछे अफगानिस्तान में मौजूद आतंकियों का हाथ मानकर सीमा पार कार्रवाई करता है, तो तालिबान उसे अफगानिस्तान पर हमला मान सकता है।
कोहाट हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह चेतावनी खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में हुए हमले के बाद सामने आई है। 18 सितंबर को ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर में हमला हुआ, जहां जिला पुलिस मुख्यालय के साथ काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट और स्पेशल ब्रांच समेत कई पुलिस इकाइयों के कार्यालय हैं। शुक्रवार की नमाज के दौरान परिसर की मस्जिद को निशाना बनाया गया और इसके बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच मुठभेड़ हुई।
हमले में 31 लोगों की मौत
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद भी कुछ हमलावर परिसर के अंदर छिपे हुए थे और सुरक्षा बलों के साथ उनकी मुठभेड़ जारी थी। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या इससे कम बताई गई थी, लेकिन बाद में आंकड़ा बढ़कर 31 हो गया।
पाकिस्तान TTP को ठहरा रहा जिम्मेदार
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के सदस्य अफगानिस्तान में मौजूद हैं और वहीं से पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाते हैं। इस्लामाबाद का दावा है कि तालिबान सरकार इन लोगों को रोकने में नाकाम रही है या उन्हें अफगान जमीन का इस्तेमाल करने दिया जा रहा है। हालांकि तालिबान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है।
तालिबान ने पाकिस्तान के आरोप नकारे
मुजाहिद ने पाकिस्तान से अपनी सुरक्षा संबंधी समस्याओं को खुद हल करने को कहा है। उनका तर्क है कि TTP और बलूच संगठनों से जुड़ी अशांति तालिबान के सत्ता में आने से पहले से मौजूद है। तालिबान का कहना है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने दिया जाता।
सीमा पार कार्रवाई से बिगड़ सकते हैं रिश्ते
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच TTP और सीमा पार आतंकवाद के आरोपों को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। अब कोहाट हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में कार्रवाई की संभावना और उस पर तालिबान की खुली चेतावनी ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव को और बढ़ा दिया है। तालिबान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की बात कही है, जबकि पाकिस्तान अफगान क्षेत्र से जुड़े आतंकवाद के आरोपों पर लगातार चिंता जताता रहा है।
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