दिल्ली के लाल किला इलाके में नवंबर 2025 में हुए घातक धमाके(Red Fort attack) को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में अहम जानकारी सामने आई है। UN सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध निगरानी टीम के मुताबिक, इस हमले को अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जोड़ा गया है। हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी।
इस मामले में यह पहली बार नहीं है जब किसी UN रिपोर्ट में अलग आतंकी संगठन का नाम सामने आया हो। फरवरी 2026 की पिछली रिपोर्ट में एक सदस्य देश की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर लाल किला हमले को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जोड़ने का उल्लेख किया गया था। नई रिपोर्ट में हालांकि नवंबर 2025 के हमले को AQIS से आधिकारिक तौर पर जोड़ा गया है।
NIA की जांच में भी AQIS कनेक्शन
भारत में इस मामले की जांच NIA कर रही है। एजेंसी ने मई 2026 में 10 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। NIA के मुताबिक, आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे जिसे AQIS का एक धड़ा बताया गया है।
छोटे सेल के जरिए नेटवर्क फैलाने की कोशिश
UN रिपोर्ट में AQIS की बदलती रणनीति पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन बड़े समूहों के बजाय छोटे और बिखरे हुए सेल के जरिए अपना नेटवर्क मजबूत कर रहा है। साथ ही उसके लॉजिस्टिक और वित्तीय नेटवर्क के विस्तार तथा बांग्लादेश में संभावित सेल बनाने की कोशिशों पर भी नजर रखने की जरूरत बताई गई है।
आतंक के बदलते तरीके पर चिंता
रिपोर्ट में दक्षिण एशिया में बदलते आतंकी नेटवर्क और तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी गई है। भारत की जांच में भी तकनीकी साधनों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सामने आई थी। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती अब सिर्फ आतंकियों की पहचान नहीं बल्कि उनके बदलते नेटवर्क और तरीकों पर नजर रखने की भी है।