Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए भारत के भविष्य को लेकर कई बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में भारत की कम से कम 50 कंपनियां Fortune 500 में शामिल होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के टॉप-5 बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक को शामिल कराने का लक्ष्य भी रखा।
वैश्विक आर्थिक ताकत बनने का लक्ष्य
PM मोदी ने कहा कि भारत को केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि बैंकिंग, फार्मास्युटिकल, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और डिफेंस सहित कई क्षेत्रों में दुनिया के अग्रणी देशों के बीच अपनी मजबूत जगह बनानी होगी। उनके संबोधन में वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियों और संस्थानों की पहचान बढ़ाने पर विशेष जोर दिखाई दिया।
टॉप-5 बैंकों में भारतीय बैंक
प्रधानमंत्री ने बैंकिंग क्षेत्र की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि अब भारत को वैश्विक बैंकिंग व्यवस्था में और बड़ी भूमिका निभाने का लक्ष्य तय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का प्रयास होना चाहिए कि कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के टॉप-5 बैंकों में अपनी जगह बनाए। इसके लिए भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता और पहचान को और मजबूत करना होगा।
फार्मा सेक्टर के लिए भी बड़ा लक्ष्य
फार्मास्युटिकल क्षेत्र को लेकर भी पीएम मोदी ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने दवा उद्योग में अहम प्रगति की है, लेकिन अब जरूरत है कि दुनिया की 5 सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में कम से कम एक भारतीय कंपनी शामिल हो। इससे वैश्विक फार्मा बाजार में भारत की भूमिका और मजबूत करने का लक्ष्य स्पष्ट होता है।
शक्ति की सप्त धारा पर फोकस
भारत की विकास यात्रा को नई गति देने के लिए पीएम मोदी ने शक्ति की सप्त धारा यानी सात प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर शामिल हैं।
सात क्षेत्रों से विकास को रफ्तार
इन सात क्षेत्रों को भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने के अहम आधार के तौर पर देखा गया। मैन्युफैक्चरिंग और फूड प्रोसेसिंग से उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा देने, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से नई क्षमताएं विकसित करने, जबकि गति शक्ति से बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर है।
डिफेंस और ग्रीन इकोनॉमी पर जोर
रक्षा शक्ति के माध्यम से भारत की रणनीतिक क्षमता बढ़ाने के साथ ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी को विकास का अहम हिस्सा बनाने की दिशा भी सामने रखी गई। वहीं सॉफ्ट पावर के जरिए वैश्विक स्तर पर भारत के प्रभाव और पहचान को और मजबूत करने का लक्ष्य है।
भारत की वैश्विक पहचान का रोडमैप
PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में रखे गए ये लक्ष्य भारत को आने वाले वर्षों में केवल बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि बैंकिंग, फार्मा, उद्योग, तकनीक, रक्षा और वैश्विक प्रभाव के क्षेत्र में अग्रणी शक्ति बनाने की दिशा दिखाते हैं। Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियों और टॉप-5 बैंकों व फार्मा कंपनियों में भारतीय प्रतिनिधित्व का लक्ष्य इसी व्यापक विजन का हिस्सा है।
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