Phuket Delhi Flight Turbulence: फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में 4 अगस्त को हुए खतरनाक टर्बुलेंस के बाद मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। अब खबर है कि विमान के कैप्टन का पोस्ट-फ्लाइट साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट पॉजिटिव आया है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एयर इंडिया का कहना है कि उसे जांच के नतीजे अभी प्राप्त नहीं हुए हैं।
ओडिशा के आसमान में अचानक 300 फीट नीचे आया विमान
145 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लेकर उड़ान भर रहा एयरबस विमान ओडिशा के हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान विमान को भीषण टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। यात्रियों और तकनीकी रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। अचानक लगे झटके से केबिन में चीख-पुकार मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई।
A SHOCKING REPORT.
AIR INDIA MUST CLARIFY. DGCA MUST ISSUE A STATEMENT.TIMES OF INDIA REPORT: The captain operating Air India’s turbulence-hit Phuket-Delhi flight on Tuesday (Aug 4) reportedly tested positive in a psychoactive substances (dope) test conducted on arrival,… pic.twitter.com/BQgvhFXxiP
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) August 9, 2026
क्रू ने दिल्ली में सुरक्षित कराई लैंडिंग
भीषण टर्बुलेंस के बावजूद क्रू ने स्थिति को संभाला और विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया। इस घटना में यात्रियों और क्रू के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत क्रू मेंबर्स का पोस्ट-फ्लाइट मेडिकल टेस्ट कराया गया।
लैंडिंग के बाद डोप टेस्ट पर उठे सवाल
TOI की खबर के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया कि विमान का संचालन कर रहे कैप्टन साइकोएक्टिव सब्सटांस यानी डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि टेस्ट का अंतिम परिणाम क्या है।
Air India ने कहा- नतीजे नहीं मिले
संवेदनशील मामले पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि लागू नियमों के तहत पायलटों की स्क्रीनिंग की गई है, लेकिन जांच के नतीजे आधिकारिक तौर पर अभी एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। इसलिए फिलहाल इन नतीजों की पुष्टि करना या उन पर टिप्पणी करना संभव नहीं है।
DGCA के नियमों में सख्ती
विमानन नियामक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी DGCA के दिशा-निर्देशों के तहत उड़ान से पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट जरुरी होता है। इसके अलावा पायलटों और केबिन क्रू में नशीली दवाओं या साइकोएक्टिव पदार्थों के इस्तेमाल की रोकथाम के लिए रैंडम डोप टेस्ट की नीति भी सख्त है।
टर्बुलेंस में पायलट की सजगता अहम
क्लाइमेट चेंज और बदलती मौसम प्रणालियों के कारण दुनिया भर में ‘क्लियर एयर टर्बुलेंस’ (CAT) की घटनाएं बढ़ने की बात कही जाती है। ऐसे हवाई झटकों के दौरान पायलट का पूरी तरह सजग, तनावमुक्त और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद अहम होता है। ऐसी स्थिति में पायलट की सावधानी यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी साबित हो सकती है।
दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान
नियमों के तहत यदि कोई पायलट पहली बार ऐसे परीक्षण में विफल पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से रोस्टर से हटाकर डी-एडिक्शन सेंटर या रिहैब भेजे जाने का प्रावधान है। वहीं, ऐसी गलती दोबारा होने पर उसका कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।
आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल जांच एजेंसियां और एयरलाइन मेडिकल रिपोर्ट के आधिकारिक नतीजों का इंतजार कर रही हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 145 यात्रियों और क्रू को प्रभावित करने वाली घटना केवल अचानक आए कुदरती टर्बुलेंस का परिणाम थी या इसमें कॉकपिट से जुड़ी किसी मानवीय लापरवाही की भी भूमिका थी।
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